स्थानीय कोतवाली के हेलापुर गांव में आठ वर्ष पूर्व विवाहिता की दहेज के लिए आग लगाकर की गई हत्या में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (द्वितीय) ब्रह्मतेज चतुर्वेदी की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर पति सहित चार ससुरालियों को सजा सुनाई। इसमें पति को 10 साल के कठोर कारावास व सास, ससुर तथा जेठ को सात साल की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्यों के अभाव में जेठानी को अदालत ने बरी कर दिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अल्ताफ हुसैन ने बताया कि जरिया थाने के अलकछवा गांव निवासी सुमेरा ने अपनी बेटी विनीता की शादी 23 जून 2017 को सदर कोतवाली के हेलापुर गांव निवासी महेंद्र के साथ की थी। ससुरालीजन 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर बीती छह अक्तूबर 2008 को ससुरालियों ने विनीता को जला कर मार डाला।
इसमें सुमेरा ने स्थानीय कोतवाली में पति, ससुर वंशीधर, सास देवरती, जेठ अमर सिंह व जेठानी सुखदेई के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (द्वितीय) ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जेठ, ससुर व सास को सात वर्ष की कैद व 17-17 हजार रुपये जुर्माने की सजा की है। उन्होंने बताया कि जेठानी सुखदेई को साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने दोष मुक्त कर दिया।