यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सीओ विवेक यादव का कहना है कि जानकारी मिली है। बच्चे ने गेम खेलने के बाद फंदा लगा लिया है। परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।
बच्चों को इनडोर नहीं आउटडोर गेम के लिए करें प्रेरित
साइकोथेरेपिस्ट डॉ. नीता कहती है कि आजकल मोबाइल पर तरह तरह के गेम डाउनलोड कर बच्चे खेलते हैं। जिससे वह मोबाइल गेम में जैसा देखते हैं वैसा ही करने सोचते हैं। यह बच्चों के शरीर में पाए जाने वाले डोपामीन हर्मोंस की वजह से होती है, जिसमें एकाग्रता क्षीण हो जाती है। बच्चे सही गलत को नहीं समझ पाते हैं।
इस तरह की घटनाएं झकझोर देती है, लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं अभिभावक ही जिम्मेदार है। जो बच्चों को आउटडोर गेम के लिए प्रेरित नहीं करते हैं। इनडोर गेम देखकर बच्चे आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। हर अभिभावक को बच्चों को मोबाइल की लत नहीं लगाना चाहिए।