जिला अस्पताल में भर्ती अब्दुल ने बताया कि मूल रूप से जनपद जालौन के निवासी है। उनका परिवार झांसी में रहता है। बताया कि विकास खंड कार्यालय सुमेरपुर में तैनात मनरेगा लिपिक अरुण कुशवाहा का आठ अगस्त 2022 को स्थानांतरण सरीला विकास खंड में हो गया था। लेकिन उन्होंने अपना आवास खाली नहीं किया था।
एक व्यक्ति द्वारा आवास खाली न करने की आईजीआरएस में शिकायत की थी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें रिपोर्ट लगाकर भेजनी थी। अपने पक्ष में रिपोर्ट लगवाने के लिए पहले अरुण ने धमकाया और देख लेने की बात कही। इसके बाद किसी मंत्री पीआरओ से फोन करवा दिया।
उन्होंने रिपोर्ट अरूण के पक्ष में न लगाने पर नौकरी करना सिखा देने की बात कही। इसके बाद उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और वह गिर पड़े। उनके साथियों ने जिला अस्पताल पहुंचाया है। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। उधर, अरूण कुशवाहा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।