गल्ला मंडी में गेंहू की तौल करते पल्लेदार। संवाद
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हमीरपुर। गेहूं के दामों में उछाल से दो माह में गेहूं के दाम 10 रुपये बढ़ गए हैं। इस कारण दो जून की रोटी मंहगी हो गई है। हालत यह है कि दूसरे प्रदेशों से गेहूं मंगाकर सरकारी राशन दुकानों में वितरित कराया जा रहा है।
अभी तक 2050 रुपये प्रति क्विंटल रेट वाला गेहूं अब 3000 रुपये प्रति क्विंटल में नवीन गल्ला मंडियों में बिक रहा है। दो माह पूर्व पांच किलो पैकिंग का आटा 160 रुपये में मिलता था। अब 210 रुपये में मिल रहा है। ब्रांडेड कंपनियों ने दो माह में सीधे 50 रुपये प्रति पांच किलो के दाम बढ़ाए हैं। भोजनालयों में इस समय सात रुपये में एक रोटी मिल रही है। संचालक और दाम बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
गल्ला व्यापारी श्याम बिहारी पांडेय ने बताया कि गेहूं के दाम मंडी में 3200 तक जा चुके हैं। सरकार ने गेहूं के बढ़ते दामों को लेकर 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में भेज दिया है। इससे दो सौ रुपये प्रति क्विंटल गेहूं के दाम में गिरावट आई है।
किराना दुकानदार अखिल कुमार गुप्ता ने बताया कि दो माह पूर्व पांच किलो आटा की पैकिंग 150 से 160 रुपये में बेचते थे। वहीं अब 190 से 210 रुपये में बेच रहे हैं।
अमन शहीद मोहल्ला निवासी असलम कहते हैं कि मंहगाई आसमान छूने लगी है। दो माह पूर्व 25 से 28 रुपये प्रति किलो मिलने वाला आटा 35 से 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।
खाद्य विपणन अधिकारी बृजेश कुमार यादव ने बताया कि पिछले वर्ष 2022-23 में सरकारी गेहूं खरीद लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 5.40 फीसदी हो पाई थी। इससे सरकारी राशन दुकानों पर गेहूं बांटने के लिए हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों से मंगाया जा रहा है। ज्यादातर गेेेहूं खरीद गल्ला व्यापारियों ने की थी। यही वजह है कि बाजार में गेहूं का भाव आसमान छू रहा है।