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Hamirpur News: ये दूध, पनीर तो सेहत के लिए हानिकारक है

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सरीला में खाद्य पदार्थो का नमूना लेते अधिकारी। संवाद - फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। मिलावटी खाद्य पदार्थों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। दूध, पनीर, घी, मिठाई, सब्जी मसाला, सुपारी में मिलावट का खुलासा हुआ है। हालात यह हैं कि पिछले एक साल में 289 खाद्य सामग्रियों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें 51 फीसदी सैंपल जांच में फेल निकले हैं।
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धनौरी में महेश कुमार राजपूत, छोटी जुल्हैटी निवासी जागेश्वर गुप्ता, दीवानपुरा राठ निवासी मनोज गुप्ता के यहां से तंबाकू मिश्रित सुपारी का नमूना लिया गया था। यह जांच में फेल हो गया। इसका मुकदमा एडीएम कोर्ट में दायर किया गया है।
दीपावली पर भरुआ सुमेरपुर में जसपुरा निवासी देवेंद सिंह चौहान के पास 15 कुंतल मावा जब्त कर बेतवा नदीं में फेंका गया था। इसका नमूना फेल होेने पर सीजेएम बांदा के यहां वाद दायर किया गया है। कालपी चौराहा निवासी सुरेश चंद्र के यहां भी मावा का नमूना फेल हुआ है।
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खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के बाद जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए जाते हैं। इसके बाद भी इन खाद्य पदार्थों की बिक्री होती रहती है। महीनों बाद रिपोर्ट आने पर मिलावट का पता चलता है। तब तक यह खाद्य पदार्थ लोग खा चुके होते हैं। इन खाद्य पदार्थों को खाने से लोगों की सेहत बिगड़ती रहती है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरएस प्रजापति ने बताया कि मिलावटी खाद्य सामग्री आम आदमी की सेहत पर भारी पड़ती है। घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री का नियमित सेवन पेट, किडनी, हृदय के साथ ही त्वचा संबंधी कई बीमारियों का कारण बनता है। इनके सेवन से रक्त धमनियों में चिकनाई जम जाने से हार्ट अटैक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
एक साल की रिपोर्ट की स्थिति
कुल लिए सैंपल- 289
रिपोर्ट आई- 336
एडीएम कोर्ट में मुकदमे - 131
सीजेएम में मुकदमे- 40
नमूने फेल- 51 फीसदी
सहायक आयुक्त खाद्य राम अवतार यादव ने बताया कि सब स्टैंडर्ड निकले खाद्य पदार्थों के मामलों की सुनवाई एडीएम प्रशासन कोर्ट में होगी। स्वास्थ्य के लिए खतरे वाले मिले खाद्य पदार्थों के मामलों की सुनवाई एसीजेएम कोर्ट बांदा में होगी। -
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