संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। ट्रैक्टर से जा रही बारात पर लापरवाही से बस चलाते हुए टक्कर मारने के 30 साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। सिविल जज जू.डि. प्रथम आयुषी चतुर्वेदी की अदालत ने दोषी रोडवेज बस चालक को दो साल की सजा व 11 हजार का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन अधिकारी अमर जायसवाल ने बताया कि ललपुरा थानाक्षेत्र के उजनेड़ी गांव निवासी पीड़ित भूरा सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके परिवार के मूलचंद्र की बारात ट्रैक्टर द्वारा पांच जनवरी 1994 को शाम करीब छह बजे सुमेरपुर जा रही थी। तभी बैठका धाम के पास रोडवेज बस चालक ने सामने से ट्रैक्टर में टक्कर मार दी थी। बताया कि इस दुर्घटना में गांव निवासी पंचा, कोपरा निवासी ज्वाला व बेरी एवं कुरारा के दो रिश्तेदारों सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई थी।
मामले में पुलिस ने बस चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। 30 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी बस चालक मो. सिद्धकी निवासी राठ को दो वर्ष की सजा सुनाई है। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को दिलाए जाने का आदेश दिया है।