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ब्लड सेपरेटर यूनिट बनकर तैयार, मशीन और स्टाफ कब आएगा सरकार

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हमीरपुर। जिला अस्पताल परिसर में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का भवन तो बनकर तैैयार हो गया है, लेकिन अभी तक शासन से मशीनें व स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिससे यूनिट अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। प्लेटलेट्स की कमीं वाले मरीज कानपुर रेफर किए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल में अभी तक ब्लड बैंक की ही सुविधा है। इसमें ब्लड बैंक में जमा होने वाले रक्त की एक यूनिट एक ही व्यक्ति के काम आ सकती है। ब्लड से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी, व क्रॉयो प्रेसीपिटेट कंपोनेंट को अलग करके प्रयोग में लाने के लिए शासन से जिला अस्पताल में इस यूनिट की स्थापना की गई है। जिला अस्पताल पर संचालित होने वाली ब्लड बैंक के पास ही इस यूनिट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. के के गुप्ता का कहना है कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का भवन पूरी तरह से तैयार है। इस पर कार्पोरेशन की तरफ से मशीने भेजी जानी है। स्टाफ की तैनाती की जानी है। जिसको लेकर शासन को पत्राचार किया जा चुका है। (संवाद)
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कंपोनेंट की इन रोगियों को होती है जरूरत
- सामान्य खून की कमी वाले मरीजों को पीआरबीसी, जलने के कारण गंभीर हुए मरीजों व कोरोना के मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत होती है। जबकि डेेंगू व अन्य संक्रमण वाले मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाकर बचाया जा सकता है। वहीं क्रॉयोप्रेसीपिटेट का उपयोग हीमोफीलिया या वॉन विले ब्रांड रोग के कारण रक्तस्राव के इलाज के लिए किया जाता है।
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