हमीरपुर। मच्छरजनित बीमारियों पर रोकथाम के लिए अधिकतर ग्राम पंचायतों में वर्षों से एंटीलार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। पिछले साल ही जिले में डेंगू के 137 और 25 मरीज मलेरिया से ग्रसित पाए गए थे। जिले के ग्रामीण इलाकों में मच्छरों ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। मच्छरों पर काबू पाने में ज्यादातर ग्राम पंचायतें लापरवाही बरत रही हैं। हालांकि मलेरिया विभाग का कहना है कि जिले के सभी ब्लॉकों की एएनएम को एंटीलार्वा दवा उपलब्ध करा दी गई हैं, लेकिन अधिकतर ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव ही नहीं कराया गया है।
मुस्करा ब्लॉक के बिवांर निवासी कृष्ण कुमार सिंह भदौरिया कहते हैं कि उनके गांव में इस साल दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। कुछ साल पहले तक नाले, नालियों के साथ ही घरों में भी दवा का छिड़काव कराया जाता था।
कुरारा क्षेत्र के छोटीपाली निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उनके गांव में दो साल से अधिक समय से दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। मच्छरों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं प्रधान किरन का कहना है कि एंटीलार्वा दवा न मिलने के कारण छिड़काव नहीं कराया गया है।
जनपद में 200 किलोग्राम बीटीआई पाउडर मिला था। जिसे सभी ब्लॉकों में एएनएम को उपलब्ध कराया गया है। 200 लीटर टेमोफोस एंटीलार्वा दवा एक सप्ताह के अंदर सभी विकासखंडों में उपलब्ध करा दी जाएगी। दवा का छिड़काव करना प्रधानों की जिम्मेदारी है।
- आरके यादव, जिला मलेरिया अधिकारी