सरीला। जलालपुर थानाक्षेत्र के पुरैनी गांव में कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुरैनी गांव निवासी प्रताप शुक्ला के तीनों बेटे अपनी पत्नी व बच्चों के साथ अलग-अलग रहते हैं। बड़े बेटे दयाशंकर (45) के कोई औलाद नहीं है। वह अपनी पत्नी सुमन के साथ रहता था। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे वह ममना गांव में जरूरी काम होने की बात पत्नी से कहकर घर से निकल आया था। दोपहर बाद तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी सुमन ने कई बार मोबाइल पर संपर्क किया। लेकिन फोन नहीं उठा। उधर, दोपहर बाद गांव किनारे बने पुराने निजी विद्यालय के भवन में पास में जानवर चरा रहे चरवाहों को कुछ लटका दिखाई दिया। मौके पर जाकर देखा तो दयाशंकर का शव लटकता मिला और इसकी सूचना मृतक की पत्नी को दी। सुमन ने बताया कि उसके पति के पास ढाई बीघे पैतृक जमीन है। उसी से परिवार चलता था। उसके पति पर नाते रिश्तेदारों व साहूकारों का करीब डेढ़ लाख का कर्ज था। जिसे चुकाने की चिंता में वह परेशान रहते थे। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि औलाद न होने की चिंता में वह परेशान रहता था। जलालपुर थाने के उपनिरीक्षक नंदकिशोर ने बताया कि मृतक के भाई राजेंद्र की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आत्महत्या का कारण कर्ज बताया जा रहा है। दयाशंकर की मौत के बाद उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
फोटो परिचय 17 एचएएमपी 2 पुरैनी गांव में घटना स्थल पर गमगीन बैठे परिजन।
फोटो परिचय 17 एचएएमपी 3 पुरैनी गांव में घटना स्थल पर शव का पंचनामा भरती पुलिस।
कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगा आत्महत्या की