अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में नाक, कान और गला में एलर्जी के मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ने लगी है। साथ ही सर्दी-जुकाम के मरीजों में भी इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम के बदले मिजाज से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ रही। दोपहर बाद अस्पताल की ईएनटी, शिशु रोग और जनरल ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ रही। बीते सप्ताह से क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में सर्दी-जुकाम और नाक, कान और गले के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई है। चिकित्सकों का तर्क है कि बरसात में दूषित पानी का सेवन और बदलते मौसम से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। व्यस्कों के साथ-साथ बच्चे और शिशु सर्दी-जुकाम की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को ईएनटी, शिशु रोग और जनरल ओपीडी के बाहर मरीजों की काफी भीड़ रही। ओपीडी के बाहर लगे बेंचों पर जगह न मिलने से मरीज और तीमारदार फर्श पर ही बैठने को मजबूर हो गए। तीनों ओपीडी में मरीजों की संख्या ढाई सौ के करीब रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़, बड़सर, सुजानपुर, भोरंज और टौणीदेवी में रोज 30 से 50 रोगी सर्दी-जुकाम या नाक, कान और गले की बीमारी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज और दूषित पेय पदार्थों के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं।