अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर (हमीरपुर)। कृषि विभाग के माध्यम से ग्यारह ग्रां पंचायत में केंचुआ खाद तैयार करने के लिए बनाए गए पिट एक साल के भीतर टूट गए हैं। क्षेत्र के 700 परिवारों के लिए केंचुआ पिट तैयार किए थे। इसमें कृषि विभाग ने एक पिट के निर्माण में पांच हजार रुपये की सब्सिडी जारी दी है लेकिन एक साल के भीतर पिटों के टूटने पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। कृषि विभाग ब्लॉक बिझड़ी से ग्यारह ग्रां पंचायत और आसपास के गांवों में केंचुआ खाद तैयार करने को पिट तैयार किए थे। ग्यारह ग्रां पंचायत क्षेत्र के लोगों रविंद्र सिंह, प्यार सिंह, कुलदीप, कर्म सिंह, अशोक कुमार, बांकू राम, दीपी, धर्म चंद, रमेश चंद, संजीव कुमार, विमला देवी, सुरेश कुमार, रीता देवी, इंद्रजीत, प्रीतम चंद, योग राज, ईश्वर दत्त, सुरेश कुमार, शंकर दास, प्रेम चंद, जगदीश तथा सोहण दत्त ने बताया कि लगभग नौ माह पहले कृषि विभाग ने केंचुआ पिट बनवाए थे लेकिन अधिकतर केंचुआ पिट टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत के हरसौर, मसलाना, चंबेह, भालत, थाना ब्राह्मणा, मांजरा, पथलयार, भुटलाड़ गांवों में 700 केंचुआ पिट बनाए गए थे लेकिन सीमेंट की दीवारें एक साल पहले ही टूट गईं। ग्रामीणों ने बताया कि कृषि विभाग ने केंचुआ पिट के निर्माण के लिए 5000 रुपये की सब्सिडी राशि ठेकेदार को दिलाई थी लेकिन केंचुआ पिट खराब हो गए हैं। इसमें 35 लाख की सब्सिडी राशि के गोलमाल की आशंका है। केंचुआ पिट के एक साल में टूटने पर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्यारह ग्रां पंचायत के उपप्रधान रमेश चंद ने बताया कि ग्रामीण केंचुआ पिट के एक साल में टूटने की शिकायतें आ रही हैं लेकिन कृषि विभाग अपना पल्ला झाड़ रहा है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। कृषि विभाग बिझड़ी के विषयवाद विशेषज्ञ सुरेश बन्याल का कहना है कि किसान कमेटियों ने अपने स्तर पर केंचुआ पिट का निर्माण करवाया है। कृषि विभाग ने किसानों को एक पिट पर पांच हजार सब्सिडी दी है। इसमें कृषि विभाग को कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक से एक साल में 700 केंचुआ पिट बनाए गए हैं। किसानों की लापरवाही से केंचुआ पिट टूटे होंगे।