हमीरपुर। जिले की टिकरौली ग्राम पंचायत में मेड़बंदी का काम 201 रुपये की दिहाड़ी मजदूरी के लिए करोड़पति लोगों के भी मनरेगा में मजदूर बना दिया। इस खेल में प्रधान से लेकर मनरेगा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। मामले में डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान संध्या पाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि धर्मेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत टिकरौली में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। जिला अधिकारी के निर्देश पर बनी जांच कमेटी में जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर, लोनिवि के सहायता अभियंता राधेश्याम गुप्ता, अवर अभियंता आरईडी दिनेश यादव ने मामले की जांच की है।
जांच में यह सामने आया है कि मनोज पाल के पास 15 बीघा जमीन है, डबल बैरल बंदूक भी है। नौ दिसंबर 2021 से 5 जनवरी 22 तक समेत तीन बार मेडबंधी में कार्य दिखाया गया है। इसी तरह 30 बीघा के काश्तकार मनोज ने 18 अगस्त 2021 से 14 सितंबर 21 तक समेत आठ बार अलग-अलग कार्य दिखाया गया है।
दिलीप कुमार ने काम किया है जिनके पिता के पास 50 बीघा खेती है और ट्रैक्टर है। दिलीप ने 14 से 20मई 2022 तक समेत चार बार तथा पत्नी सुलोचना के नाम तीन बार जाब कार्ड से मेड़बंधी में काम दिखाया गया है। रामप्रसाद के पास 10 बीघा खेती है। पक्का मकान व मोपेड है। 18 से 31 अगस्त 2022 समेत 10 बार तथा पत्नी जयदेवी के नाम छह से 12 मई 2022 समेत चार बार कार्य दिखाया गया है। वहीं ग्राम प्रधान ने कार्यों को नियमानुसार कराए जाने की बात कही है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश का कहना है कि ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ग्राम प्रधान के अधिकार पहले ही छिन चुके हैं।