जल संस्थान उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार पानी उपलब्ध कराने में पूरी तरह अक्षम है। इसकी स्थिति दयनीय होने से कई कई माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। खराब हैंडपंप व टूटी पाइप लाइनें ठीक करने का सामान नहीं है। बढ़ती गर्मी के चलते नगर में पेयजल समस्या भी विकराल रूप धारण करती जा रही है। ऐसी स्थिति में 571 हैंडपंपों में 85 खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने व 60 ठप हैंडपंपों के रिबोर के लिए नगर पालिका ने सभी आवश्यक सामग्री जल संस्थान को उपलब्ध कराई है। साथ ही इस कार्य में लगे कर्मियों के मानदेय की भी जिम्मेदारी ली है। नगर पालिका अध्यक्ष रामकिशोर ने बताया कि पेयजल संकट को देखते एक किसान का निजी नलकूप किराए पर जल संस्थान ने लिया है। उसके किराए का भुगतान पालिका से कराने का निर्णय लिया है। वहीं दो नलकूप स्थापित करने के टेंडर पूर्व में किए गए थे। जिसका कार्य भी शीघ्र कराए जाने के निर्देश संबंधित को दिया है। लेकिन लॉकडाउन के चलते रुका कार्य शीघ्र ही होगा। किसी भी दशा में नागरिकों को पानी के संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। इसी मकसद से कई स्थानों पर समर्सिबल स्थापित कराए हैं।