हमीरपुर। सजा होने के निरस्त लाइसेंसी असलहे आज तक जमा नहीं किए। जबकि आरोपी अपनी सजा काटकर छूटने के बाद घर आ गया है। इस मामले में दूसरे पक्ष ने जानमाल का खतरा बताते हुए निरस्त असलहो को जमा कराने की मांग की है। बिवांर थानाक्षेत्र के छानी बुजुर्ग गांव निवासी भूपेंद्र सिंह भदौरिया ने सोमवार को जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें आरोप लगायाकि उसके चाचा प्रेम सिंह की हत्या पिछले 17 जुलाई 1982 में रामबली सिंह पुत्र सभाजीत ने की थी। मामले में अदालत से दोषसिद्घ होने पर रामबली को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बताया कि आरोपी सजा काटने के बाद 14 मार्च 2020 को रिहाई लेकर घर आ गया है। मगर उसके शस्त्र लाइसेंस दोनाली बंदूक व रायफल आज तक जमा नहीं कराए गए हैं। जबकि इन असलहों को तत्कालीन जिलाधिकारी पंधारी यादव ने 30 जनवरी 2004 को निरस्त कर दिए थे और असलहों को तत्काल जमा करने के निर्देश दिए थे। बताया कि आरोपी सजा काट कर घर आ गया है। जिससे उसे खतरा पैदा हो गया है। आरोप लगाया कि आरोपी असलहों का दुरुपयोग कर सकता है। पीड़ित ने असलहों को जमा कराने व जानमाल की सुरक्षा की मांग की है।