महोबा। पुलिस टीम पर फायर करने के 16 साल पुराने मामले में अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर अभिुयक्त को 10 वर्ष के कारावास और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि 18 जनवरी 2008 की सुबह करीब पौने 10 बजे थाना श्रीनगर के बिलरही मौजा पर आरोपी बलराम उर्फ लंगड़ा अपने साथियों के साथ घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। तभी तत्कालीन सीओ के नेतृत्व में गठित टीम वहां पहुंची। तब आरोपी बलराम ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया। हालांकि, पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी सुनील कुमार तृतीय ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त बलराम उर्फ लंगड़ा को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही आठ हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।