गोरखपुर।
वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की
खरीद-फरोख्त
के समय लगने वाले स्टांप ड्यूटी
के निर्धारण का फार्मूला बदलने
जा रहा है। अब एकल दुकानों की
रजिस्ट्री के वक्त जमीन की
कीमत और निर्माण में लागत के
आधार पर स्टांप ड्यूटी तय की
जाएगी। इसी तरह बहुमंजिली
इमारत में स्थित प्रतिष्ठानों
की रजिस्ट्री कराते वक्त एरिया
(प्रति
वर्ग मीटर)
की
तय कीमत में कार्पेट रेट का
गुणा कर स्टांप ड्यूटी तय करने
का शासन ने निर्णय किया है।
यही नहीं,
अगस्त
2015 में
लागू हुए नए सर्किल रेट की
खामियों को भी दूर किया जाएगा।
डीआईजी स्टांप आरए यादव ने
बताया कि इस संबंध में शासन
से निर्देश जारी कर दिए गए
हैं। मंडल के सभी रजिस्ट्री
दफ्तरों को इसकी जानकारी दी
जा रही है।
शासन
ने नए नियमों पर वाणिज्यिक
प्रतिष्ठानों/दुकानों
की स्टांप ड्यूटी तय करने के
लिए हर हाल में 30
नवंबर
तक सर्वे का काम पूरा करने को
कहा है। एक दिसंबर 2015
से
इस बदले फार्मूले पर ही
प्रतिष्ठानों की रजिस्ट्री
होगी। एआईजी स्टांप रामशंकर
सिंह ने बताया कि संबंधित
एरिया की दुकानों का अलग-अलग
किराया तय किया गया है। अभी
तक एरिया में किराया का गुणा
करने के बाद उसमें 300
गुने
की वृद्धि कर स्टांप ड्यूटी
तय की जाती थी। अगले महीने से
स्टांप निर्धारण का यह नियम
बदल जाएगा।
एकल
दुकानों के लिए जहां संबंधित
क्षेत्र के जमीन की कीमत और
निर्माण लागत के आधार पर स्टांप
ड्यूटी तय की जाएगी वहीं
बहुमंजिला इमारतों में स्थित
दुकानों की रजिस्ट्री कार्पेट
रेट के मुताबिक होगी। उन्होंने
बताया कि शासन के निर्देश पर
शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों
के कार्पेट रेट के निर्धारण
के लिए सभी सब रजिस्ट्रार को
सर्वे कराने का निर्देश दे
दिया गया है। इसी तरह नए सर्किल
रेट में कुछ इलाकों में जमीन-मकान
के दाम कम आंके गए हैं,
जबकि
कुछ में अधिक। इस विसंगति को
भी इसी महीने दुरुस्त करने
के लिए सब रजिस्ट्रार से सुझाव
मांगे गए हैं।