स्नातक निर्वाचन क्षेत्र एमएलसी चुनाव
स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव समाप्त होने के बाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि यह चुनाव अक्टूबर नवंबर में होने की संभावना है, पर चुनाव लड़ने वाले अपनी तैयारी अभी से कर रहे हैं। इस चुनाव की जटिल प्रक्रिया में वोटर बनाने का कार्य चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी ही करते हैं। इसकी तैयारी में पार्टी के अलावा विभिन्न संगठनों के नेता भी लगे होते हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। इस क्षेत्र से एमएलसी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में देवेंद्र प्रताप सिंह जीते थे। लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी से दूरी बढ़ने लगी। कई मुद्दों पर विधान परिषद में उन्होंने सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। इस तरह से उनकी सपा से दूरी भी बढ़ती गई। सपा की तरफ से उन्हें नोटिस दिया गया। जिसका जवाब उन्होंने पार्टी को देने के साथ मीडिया में भी दिया।
उनका बयान छपने के बाद सपा से उनके रिश्ते और तल्ख हो गए। कई महीने पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। देवेंद्र प्रताप के सपा में रहते ही पार्टी की तरफ से कई लोगों ने दावा ठोकना शुरू कर दिया था। जिसमें राजीव पांडेय, अभिमन्यु यादव, संजय यादव, डॉ. राजेश यादव तो केवल गोरखपुर जनपद से दावेदार हैं। इन लोगों की होर्डिंग महानगर में दिखाई दे रही है। अन्य जिलों से भी पार्टी के दावेदार हो सकते हैं।
वैसे सबसे अधिक घमासान सपा में अभी से शुरू हो गई है। राजीव पांडेय ने रविवार को एक क्लब में स्नातक सम्मेलन कराकर अपने चुनाव का आगाज कर दिया। उनकी सभा में जिलाध्यक्ष मोहसिन खान सहित सपा के कई नेता मौजूद थे। उनकी मौजूदगी पर एक अन्य दावेदार अभिमन्यु यादव सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा ने अपना कब प्रत्याशी किसे घोषित किया है। यह किसी को पता नहीं है। जो लोग पांडेय को प्रत्याशी बता रहे हैं वह उनकी राय है। वैसे रविवार को आयोजित सम्मेलन में सपा नेताओं ने राजीव पांडेय को अपना प्रत्याशी बता कर उनको जिताने की अपील की अभी से शुरू कर दी।