एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में सराफा व्यापारियों ने बुधवार को वित्त मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। बंधु सिंह पार्क से निकली यह यात्रा चेतना तिराहे पहुंचकर समाप्त हुई। इस क्रम में बुधवार को 9वें दिन भी सराफा मंडी बंद रही। स्वर्ण व्यवसायियों ने अब बृहस्पतिवार को शाम 5:30 बजे गांधी प्रतिमा से मशाल जुलूस निकालने का फैसला किया है।
बता दें कि गत नौ दिनों से स्वर्ण व्यवसायी एक्साइज ड्यूटी में एक प्रतिशत की वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने तय कार्यक्रम के आधार पर बुधवार को सराफा व्यापारी बंधु सिंह पार्क में एकत्रित हुए और वित्त मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा लेकर घंटाघर, रेती चौक, बक्शीपुर, आर्यनगर, विजय चौक होते हुए चेतना तिराहे पर पहुंचे। यहां पर प्रतीकात्मक शव को जलाया गया। उधर, असुरन स्वर्ण कारोबारी जुलूस निकालकर डीएम दफ्तर पहुंचे और अपना विरोध जताया।
व्यापारियों के सभा को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरि ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि 2012 में जब यूपीए की सरकार ने सराफा पर टैक्स लगाया तो भाजपा ने इसका विरोध किया और यूपीए सरकार को टैक्स वापस लेने पर मजबूर किया, लेकिन अब मोदी सरकार ने टैक्स लगाया है। इस कारण आज भारत के सभी सराफा व्यवसायी सड़क पर उतरने का कार्य कर रहे हैं। यदि एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रुस्तमपुर सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बर्नवाल ने कहा कि ज्वैलरी व्यवसाय पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी इस व्यापार की जड़ें हिला देगा। प्रदर्शन में पुष्पदंत जैन, अजय कुमार, रितेश बर्नवाल, अशोक कुमार, रमेश सर्राफ, विश्वनाथ, महेश वर्मा, राकेश वर्मा, मनोज, परदेशी वर्मा आदि शामिल थे।