गोरखपुर।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सांसद
आदित्यनाथ ने कहा कि सेक्युलरिजम
के नाम पर देश के अंदर वामपंथी
विचारधारा के कुछ कथित लेखकों
और कलाकारों ने भाजपा विरोधी
नहीं भारत विरोधी स्वर उठाना
शुरू कर दिया है। दुर्भाग्य
से उस स्वर के साथ शाहरूख खान
जैसे लोग भी अपना स्वर मिलारहे
है। यह पहली बार नहीं हुआ है,
इसके
पहले भी उनके द्वारा इस तरह
की हरकतें की जा चुकी हैं। जो
बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
महंत
आदित्यनाथ ने यह बातें भाजपा
के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश
विजयवर्गी के शाहरूख खान पर
दिये गए बयान के समर्थन में
कही। उन्होंने कहा कि शाहरूख
खान को याद रखना चाहिए कि यदि
उनकी फिल्मों का बहुसंख्यक
समाज बहिष्कार कर देगा तो आम
मुसलमान की तरह उन्हें भी
सड़कों पर भटकना पड़ेगा। इस
लिए कोई भी बात मुद्दों और
तथ्यों पर होना चाहिए। उन्होंने
कहा कि भारत की छवि को खराब
करने की अंतर्राष्ट्रीय साजिश
हो रही है। उससे लोगों को बचना
चाहिए। दुनिया के सबसे सहिष्णु
हिंदू समाज को बदनाम करने
वालों की सामूहिक निंदा होनी
चाहिए। हाफिज सईद के उस बयान
जिसमें उन्होंने कहा कि शहरूख
भारत में असुरक्षित महसूस कर
रहे हैं,
पाकिस्तान
आने के निमंत्रण पर कहा कि
बखूबी लोग जाएं। वह भी उनका
स्वागत करेंगे। वहां जाने के
बाद भारत को बदनाम करने वाले
वहां की वास्तविकता और अपनी
औकात को समझेंगे। जामा मस्जिद
के इमाम ने पाकिस्तान जा कर
देखा था। उन्हें वहां पर
दुत्कारा गया था। उन्होंने
कहा कि दुर्भाग्य है कि आज
शाहरूख खान हाफिज सइद की भाषा
बोल रहे हैं।
नेपाल
पुलिस की गोलीबारी में भारतीय
की मौत पर प्रधान मंत्री की
नाराजगी पर कहा कि नेपाल की
स्थिति बहुत चिंताजनक है।
नेपाल के नेता और वहां की सरकार
स्थिति को बिगाड़ रही है। वहां
की स्थिति खराब करने के लिए
वहां का राजनीतिक नेतृत्व
पूरी तरह से जिम्मेदार है।
जो जाने अनजाने में अंतर्राष्ट्रीय
साजिश का शिकार हो रहे हैं।
वे भारत-नेपाल
के ऐहिहासिक प्राचीन सांस्कृतिक
संबंधों को समाप्त करने की
कोशिश कर रहे हैं। वे नेपाल
को यूरोपीय यूनियन और चीन की
मुट्टी में कैद कर देना चाह
रहे हैं।