महानगर में व्याप्त गंदगी के खिलाफ अब कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया है। सफाई की जमीन हकीकत निगम के सफाई इंसपेक्टरों और विभाग के अधिकारियों के भरोसे नहीं
होगी। अब उसकी पड़ताल जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि कमिश्नर के निर्देश के अनुपालन में नगर निगम गोरखपुर द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे सफाई कार्य, जिसमें सिल्ट सफाई, कूड़ा निस्तारण, सड़क, गली फागिंग, तथा पथ प्रकाश व्यवस्था की जांच और सत्यापन के लिए अधिकारियों को नामित किया गया है। इसमें एसडीएम से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को लगाया गया है। प्रत्येक अधिकारी के जिम्मे तीन से चार वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है। सभी अधिकारी अपने वार्डों का सप्ताह में दो दिन सघन भ्रमण करते हुए सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। इसमें पथ प्रकाश से लेकर आवारा पशुओं की स्थिति के बारे में भी जानकारी देंगे।
इन्हें दी गई जिम्मेदारी
नगर मजिस्ट्रेट ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम सदर रत्न प्रिया, एसके सिंह जिला समाज कल्याण अधिकारी, केएम सिंह पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, हेमंत सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी, संजय सिंह युवा कल्याण अधिकारी, आरके भारती डीपीआरओ, डीके मिश्र उद्यान अधिकारी, यशवंत सिंह परियोजना निदेशक, बब्बन उपाध्याय डीडीओ, अपर अधिकारी नगर रजनीश चंद , डॉ. चंद्रभूषण एडीएम एफआर, लवकुश कुमार एडीएम प्रशासन, बृजेश कुमार बचत अधिकारी, अरविंद कुमार चौधरी जिला कृषि अधिकारी के अलावा आरजे प्रसाद अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।