जीआरपी ने सोमवार को मुजफ्फरपुर पैसेंजर ट्रेन के शौचालय में 60 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद किया। बोरे में भरकर तस्कर ने शराब छुपाया था। जीआरपी ने छानबीन की लेकिन वह नहीं मिला। शराब के जब्त करने के बाद अज्ञात के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया। इससे पहले रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने तस्करी कर बिहार ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब बरामद की थी।
गोरखपुर से मुजफ्फरपुर जाने वाली वाली पैसेंजर ट्रेन में सोमवार को दरोगा जयप्रकाश पाठक ने सिपाही के साथ तलाशी शुरू की। इंजन के पीछे लगे जनरल कोच के शौचालय में रखा गया बोरा मिला। खोलकर चेक करने पर उसमें रखा 60 बोतल अंग्रेजी शराब मिला। छानबीन करने पर कोच में बैठे यात्रियों ने जानकारी होने से इंकार कर दिया। शराब को कब्जे में लेकर दरोगा जयप्रकाश और सिपाही गोरखपुर जीआरपी थाने पहुंचे। शराब को जब्त कर जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
इंस्पेक्टर गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि बिहार में शराब पर पाबंदी लगने के बाद तस्कर चुपके से अंग्रेजी, देसी शराब की खेप ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। मुकदमा दर्ज करने के साथ ही बिहार जाने वाली ट्रेनों की चौकसी और जांच बढ़ा दी गई है।
तीन जुलाई को स्टेशन पर पकड़ी गई 150 शीशी शराब
तीन जुलाई की रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन परिसर में जीआरपी ने 150 शीशी अंग्रेजी शराब के साथ दो युवकों पकड़ा था। उनकी पहचान पश्चिम चंपारण के रामनगर निवासी अरुण शाह और मुजफ्फरपुर के प्रदीप जायसवाल के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि वह बिहार में शराब पर प्रतिबंध लगने के बाद उत्तर प्रदेश से इसकी तस्करी करते हैं। दोनों के खिलाफ जीआरपी ने आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।