सफर के दौरान ट्रेनों में साफ-सफाई करने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए अब चार बर्थ रिजर्व रहेंगी। इनमें दो सीटें स्लीपर कोच में और दो एसी 3 कोच में होंगी। हां, अगर कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता है तो उस दशा में आरएसी वाले यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर टीटीई बर्थ उपलब्ध कराएंगे।
स्टेशनों के बाद अब ट्रेनों में सफाई के लिए रेलवे ने ठेके पर ओबीएचएस (ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग सेवा) शुरू की है। पूर्वोत्तर रेलवे में 47 ट्रेनों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है। इनमें गोरखपुर की 17 ट्रेनें शामिल हैं।
इस सुविधा के तहत यात्रियों की मांग पर तत्काल सफाई के लिए सफाईकर्मी मौके पर पहुंचते हैं। इस योजना में मुश्किल यह आ रही थी कि स्टॉफ के लिए ट्रेन में कोई इंतजाम नहीं किया गया था। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने सफाई कर्मचारियों के लिए अब ट्रेन में चार बर्थ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
स्लीपर और एसी थ्री टायर कोच में 71 और 72 नंबर बर्थ सफाईकर्मियों को लिए रिजर्व रहेगी। हालांकि बर्थ उन्हीं ट्रेनों में रिजर्व होगी जिनमें ओबीएचएस सुविधा शुरू की गई है। आरक्षण चार्ट में बाकायदा सफाई स्टॉफ का नाम भी दर्ज होगा। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग विक्रम सिंह ने सभी रेलवे जोन को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।