पुलिस लाइंस में शाहपुर थाना क्षेत्र से पकड़े गए चोरों के गिरोह का पर्दाफाश किया गया।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
पुलिस ने दो चोरों को गिरफ्तार कर चोरी की आठ घटनाओं के पर्दाफाश का दावा किया है। पुलिस ने शाहपुर इलाके के नंदानगर, सैनिक कुंज में रिटायर्ड वारंट आफिसर के घर से चोरी हुए गहने और नकदी बरामद भी किए हैं। इसके अलावा चोरी की पांच बाइक भी पुलिस के हाथ लगी हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह का एक साथी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई सामानों की रिकवरी और होगी।
प्रभारी एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि शहर में हो रही ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं के पर्दाफाश पर पुलिस काम कर रही। इस दौरान ही एक सक्रिय गिरोह का नाम बार-बार सामने आया। पुलिस गिरोह की तलाश कर रही थी कि शुक्रवार को मोहद्दीपुर ओवरब्रिज के पास चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक दिखाई दिए। रोकने की कोशिश करने पर एक युवक कूदकर भाग गया और दो को संदेह के आधार पर पुलिस ने पकड़ लिया।
पूछताछ में उनकी पहचान नंदानगर के विकास और रामनगर करजहां के रामकुमार के रूप में हुई। दोनों से पूछताछ में पुलिस ने चोरी की पांच बाइकें बरामद कर लीं। उनके पास से ज्वेलरी, चाकू और नकदी भी मिली। दोनों ने पुलिस को बताया कि सीताराम के साथ मिलकर उन लोगों ने एयरफोर्स कर्मचारी के घर चोरी की थी। दोनों ने शाहपुर, गुलरिहा, कैंट और पिपराइच क्षेत्रों में कई वारदातों में शामिल रहने की बात पुलिस को बताई।
चोर के बाइक नंबर से मिला सुराग
एयरफोर्स के रिटायर वारंट आफिसर सतीश चंद शुक्ला का मकान सैनिक कुंज कालोनी में है। उनके घर के सामने ही एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारी विजय कौशल रहते हैं। 27 अक्टूबर की रात सतीश की पत्नी वाराणसी से लौट रही थीं। करीब साढ़े नौ बजे विजय को बताकर पत्नी को रिसीव करने सतीश रेलवे स्टेशन चले गए। वहां से जब वह लौटे तो घर में चोरी कर कुछ युवक भाग रहे थे। उन्होंने पीछा भी किया मगर वे भाग निकले। चारों की बाइक का नंबर उन्होंने देख लिया। इसके बाद वह खुद आरटीओ गए और नाम-पता निकालकर पुलिस को दिया। इसके बाद पुलिस को सफलता मिली। शाहपुर में तैनात सिपाही राजीव कुमार शुक्ला ने भी पर्दाफाश में विशेष भूमिका निभाई।
पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम
गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसएसपी ने पांच हजार का नकद पुरस्कार दिया है। टीम में शाहपुर के प्रभारी निरीक्षक गोविंद बल्लभ शर्मा, सीआईयू प्रभारी अनिल कुमार उपाध्याय, बॉके यादव, अरुण कुमार सिंह, राजीव शुक्ला, शिवानंद, शशिकांत राय, सत्यप्रकाश वर्मा, राकेश यादव, दुर्गेश मिश्रा शामिल थे।