पिपराइच। जंगल धूसड़ के मझरिया में विजय निषाद के घर डकैती डालने से पहले तीन और घरों में डकैती का प्रयास किया गया था। हालांकि, तीन जगह असफल होने के बाद डकैतों को विजय निषाद के यहां कामयाबी मिली थी। गांव वालों के मुताबिक पुलिस अगर सतर्क रहती तो डकैत आज पुलिस के हत्थे चढ़ गए होते।
जंगल धूसड़ के वैतालगढ़ निवासी झिनक निषाद के गेट का ताला काटने का डकैतों ने प्रयास किया था। लेकिन ताला मजबूत होने की वजह से डकैत सफल नहीं हो सके थे। इसके बाद डकैतों के गिरोह ने विजय निषाद के गांव में ही मेवालाल चौहान की ग्रिल काटकर घर में घुसने का प्रयास किया था लेकिन उन्हें यहां भी सफलता नहीं मिली। दोनों ही जगह शोर मचाने पर डकैत भाग निकले थे। वहीं जंगल धूसड़ बड़ी रेतवहिया निवासी कमलेश नाई की असुरन चौराहे पर दुकान है। बुधवार रात साढ़े दस बजे दुकान बंद कर घर जा रहे थे। जंगल धूसड़ के पास दस से 12 की संख्या में युवकों ने उन्हें रोक लिया था। कमलेश की पिटाई करने के बाद 700 रुपये नकद और मोबाइल छीनने के बाद वह फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
डकैतों को जंगलों में खोजती रही पुलिस
विजय निषाद के यहां डकैती होने के बाद पुलिस एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। एसएसपी लव कुमार मेडिकल कॉलेज से सीधे विजय के घर पहुंच गए थे। उसके बाद पुलिस की चार टीम डकैतों की तलाश में लगा दी गई थी। पुलिस रातभर तिनकोनिया जंगलों में उसकी खोजबीन करती रही।