सराफा व्यापारी के साथ हुई लूट में शामिल अपराधी।
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पीपीगंज में जेवरात खरीदने के बहाने सराफा कारोबारी को बुलाकर उसके कर्मचारी की हत्या और लूट के मामले का बुधवार को पर्दाफाश हो गया। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है, साथ ही लूटे गए आभूषण और बाइक को भी बरामद किया है।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि 2 अप्रैल को सराफा कारोबारी तेज प्रताप वर्मा को फोन पर जेवरात लेकर बुलाया गया था। फोन करने वाले ने सराफा कारोबारियों की हड़ताल से बहन की शादी न हो पाने का हवाला दिया था। तेज प्रताप उसकी बातों पर यकीन कर अपने कर्मचारी के साथ बाइक से आभूषण दिखाने के लिए पहुंच गए।
बदमाशों ने बाइक रोक ली और सराफा कारोबारी पर गोली चला दी, लेकिन गोली कर्मचारी को लग गई थी। घटना की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि अकटहवा पुल के पास दो बदमाश किसी वारदात की योजना बना रहे हैं। हरकत में आई टीम मौके पर जा पहुंची। पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे।
इस दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान कोईल यादव और उसके चचेरे भाई मनीष यादव निवासी तुर्कवलिया पीपीगंज के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि अभी पहलवान उर्फ सिकंदर व सुनील निषाद फरार चल रहे हैं, पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
बहन को भी बनाया गया आरोपी
लूट की घटना को अंजाम देने के बाद कोईल यादव अपने साथियों के साथ डोहरिया स्थित अपने बहन के घर चला गया था। जहां वह रात भर रुका और लूट का सामान वहीं रख दिया। एसएसपी ने बताया कि बदमाशों का सहयोग करने व लूट का माल रखने के मामले में बहन को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस को लंबे समय से थी तलाश
कोईल यादव 2013 में गोली मारने के मामले में आरोपी था। फरारी के दौरान उसने अपने मामा के घर में शरण ली थी और मामा की भतीजी को ही अगवाकर भाग निकला था। वहीं आजमगढ़ के पास सराय मिल के पास एक मुठभेड़ में कोईल यादव जान बचाकर भाग निकला था। तब से ही पुलिस को उसकी तलाश थी।