दो लाख रुपये का इनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह बृहस्पतिवार की रात खोराबार क्षेत्र में फोरलेन पर एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में मारा गया। उस वक्त वह बाइक से साथी को लेकर वह गोपालगंज जा रहा था। पुलिस का मानना है कि वापसी के बाद उसकी बड़हलगंज क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाले मऊ, जौनपुर के डॉक्टरों की हत्या करने की योजना थी। धर्मेंद्र के पास से कारबाइन, पिस्टल और बाइक मिली है। जबकि उसका साथी भागने में सफल रहा। इस दौरान एक दरोगा और सिपाही को भी चोट पहुंची है।
आजमगढ़, के तरवा का रहने वाले धर्मेंद्र सिंह पर डीजीपी ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 10 मई को उसने बड़हलगंज कस्बे में प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉ. संजय कुमार, डॉ. शमीम आब्दी, डॉ. शिवमुनी गौड़, डॉ. एचएन सिंह पटेल से 60 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। रुपये न मिलने पर हत्या की धमकी दी थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस के साथ ही एसटीएफ भी तलाश में जुटी थी।
बृहस्पतिवार की शाम एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के प्रभारी सीओ विकास त्रिपाठी को मुखबिर से जानकारी मिली कि धर्मेंद्र सिंह गोरखपुर से गोपालगंज (बिहार) जाने के लिए निकला है, जबकि लौट कर आने के बाद उसका इरादा रंगदारी न देने वाले डॉक्टरों की हत्या का है।
इसके बाद एसटीएफ टीम ने शाम सात बजे फोरलेन पर घेराबंदी कर छानबीन शुरू कर दी।
रात पौने आठ बजे के करीब रामनगर कड़जहां क्षेत्र में बाइक से धर्मेंद्र सिंह को गुजरते देखा गया। उसके साथ एक शख्स और था। एसटीएफ टीम उसकी ओर बढ़ी तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की और दोनों तरफ से 80 राउंड से ज्यादा गोलियां चलीं। इस दौरान चार गोलियां धर्मेंद्र के शरीर में जा धंसीं। यह देख उसका साथी भाग निकला। नजदीक पहुंची एसटीएम टीम उसे लेकर सीएचसी खोराबार पहुंची जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ की सूचना पर एसएसपी अनंत देव, एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, एसओ खोराबार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। धर्मेंद्र पर कुल 35 मुकदमे दर्ज थे। एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में एसटीएफ के दरोगा और सिपाही भी घायल हुए हैं, लेकिन उनकी स्थिति चिंताजनक नहीं है।