कानपुर के पुखरायां में हुए रेल हादसे में जांच टीमों के शक की सुई जहां नेपाल में हत्या के आरोप में पकड़े माओवादी नेता ब्रज किशोर गिरि पर टिकी है वहीं आईएसआई से माओवादी और नक्सलियों में संपर्क की मध्यस्थता का शक नेपाल के एक बड़े व्यापारी पर भी है। यही वजह है कि आईबी ने नेपाल बॉर्डर पर सक्रियता बढ़ाने के साथ ही व्यापारी की गतिविधियों की निगरानी शुरू कर दी है।
पुखरायां हादसे में आईएसआई का नाम आने के साथ जांच एजेंसियां हत्थे चढ़े मोती पासवान व उसके दो साथियों से पूछताछ में लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी तक की पूछताछ में मोती पासवान के काठमांडू के अस्पताल में इलाज करा रहे ब्रज किशोर गिरि के इशारे पर चलने के संकेत मिले हैं। ऐसे में ब्रज किशोर गिरी के मास्टरमाइंड होने का अनुमान जताया जा रहा है। हत्या के आरोप में नेपाल पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद से काठमांडू के अस्पताल में भर्ती ब्रज किशोर के साथ नेपाल के एक बड़े व्यापारी की भूमिका भी संदिग्ध महसूस की गई है। बताते हैं कि उस व्यापारी के खिलाफ पहले भी माओवादी और नक्सलियों से सांठगांठ के सबूत मिले थे। माना जा रहा है कि उक्त व्यापारी आईएसआई के जरिए होने वाली गतिविधियों से माओवादियों को जोड़ने और फंडिंग में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।
घुमंतू जानवरों के इस्तेमाल का शक
अब तक की जांच में एक नई बात भी सामने आ रही है। आईबी सूत्रों की मानें तो हादसों के लिए कुकर या किसी व्यक्ति की जगह घुमंतू जानवर का इस्तेमाल मुमकिन है। कुत्ते के शरीर में विस्फोटक बांधकर ब्लास्ट कराने की साजिश की आशंका की पूर्व में एक रिपोर्ट केंद्र को सौंपी जाने की बात भी सूत्र बता रहे हैं।