पीपीगंज पुलिस ने नेताओं में दबाव में बाल अधिकार को दरकिनार कर शनिवार की दोपहर नाबालिग को हथकड़ी लगाकर शांतिभंग में चालान कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को दरकिनार कर पुलिसकर्मी नाबालिग को चाचा के साथ एसडीएम के कोर्ट तक ले गए। पुलिस की कार्रवाई के बाद से थानों में बाल अधिकार सुरक्षित होने के दावे की हकीकत खुल गई है।
जंगल कौड़िया प्रतिनिधि के अनुसार होली के दिन पीपीगंज के कानापार में बाइक लेकर गिरे धमेंद्र पर गांव के चंद्रभान ने कमेंट कर लिया था। मामले को लेकर दोनों पक्ष के लोगों में मारपीट हो गई थी जिसमें चार लोग घायल हुए थे। पुलिस ने चंद्रभान के साथ ही उसके भतीजे को हिरासत में लिया था। नेताओं के दबाव में कार्रवाई करते हुए पीपीगंज पुलिस ने चंद्रभान के साथ ही उसके भतीजाों का शांति भंग में शनिवार की सुबह चालान कर दिया।
कक्षा आठ में पढ़ने वाले नाबालिग काो सिपाही हथकड़ी लगाकर कैंपियरगंज तहसील तक ले गए। एसडीएम कोर्ट में पेशी के बाद तीनों जमानत पर छूटे। एसओ सत्येंद्र कुंवर ने बताया कि नाबालिग की पहचान नहीं कर सकती। मारपीट के मामले में शामिल होने के कारण हथकड़ी लगाकर उसे कोर्ट भेजा गया।