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घर से भागकर आईं तीन लड़कियां पकड़ी गईं

Fri, 15 Jul 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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लड़कियां - फोटो : demo pic
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घर से भागकर प्रेमियों से मिलने जा रहीं तीन नाबालिग लड़कियों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। बुधवार की रात गांव मेें आई बारात में आर्केस्ट्रा देखने के बहाने तीनों घर से निकली थीं। परिवार वालों को सूचना देकर एएचटीयू प्रभारी ने तीनों को चाइल्ड लाइन भेज दिया।
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एएचटीयू गोरखपुर के प्रभारी इंस्पेक्टर रामसुमेर त्रिपाठी बृहस्पतिवार की दोपहर एक बजे सूचना मिलने पर रेलवे स्टेशन पहुंचे। जनरल वेटिंग हाल में बैठी तीन नाबालिग लड़कियों को अकेला देख जब उन्होंने पूछताछ की तो उन्होंने अंबाला में रहने वाले प्रेमी के पास जाने की बात बताई। पूछताछ में पता चला कि तीनों लड़कियां छपरा की रहने वाली हैं। इनकी उम्र 14 और 15 साल के करीब है। लड़कियों से पूरी जानकारी लेने के बाद एएचटीयू प्रभारी ने फोन से परिवार वालों को सूचना दी। घरवालों ने बताया कि बुधवार की रात गांव की बारात में आया आर्केस्ट्रा देखने के बहाने तीनों घर से निकली हैं, तभी से लापता हैं।   खोजबीन के बाद लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई है। इंस्पेक्टर रामसुमेर त्रिपाठी ने बताया कि दो नाबालिग लड़कियों के प्रेमी गांव के हैं जो अंबाला में रहते हैं। घुमाने का झांसा देकर उन्होंने अपनी सहेली को भी साथ ले लिया था।
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बच्चों को मजदूरी कराने ले जा रहा युवक गिरफ्तार बच्चों को मजदूरी कराने ले जा रहे युवक को एएचटीयू टीम ने बृहस्पतिवार की दोपहर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। कुशीनगर के रहने वाले युवक के चाचा की पुणे में बिस्किट की फैक्ट्री है। आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में मानव तस्करी का केस दर्ज कराकर एएचटीयू प्रभारी ने बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज दिया। बृहस्पतिवार की दोपहर रेलवे स्टेशन परिसर में एएचटीयू प्रभारी रामसुमेर त्रिपाठी टीम के साथ गश्त पर थे। परिसर में स्थित टैक्सी स्टैंड के पास बैठे पांच बच्चे दिखाई दिए।

इंस्पेक्टर ने पूछताछ शुरू की, इसी बीच एक युवक आ गया। उसने अपना नाम फिरोज अंसारी निवासी गौरी श्रीराम, विशुनपुरा बताया। उसने बताया कि बच्चे उसके गांव के हैं जिन्हें लेकर पुणे में बिस्किट की फैक्ट्री चलाने वाले चाचा के पास जा रहे हैं। बच्चों को तीन हजार रुपये महीने मिलने का भरोसा परिवार वालों को देने के बाद उनकी सहमति से ले जा रहे हैं। एएचटीयू की टीम फिरोज के साथ बच्चों को लेकर आफिस पहुंची। कैंट थाने में फिरोज पर मानव तस्करी का केस दर्ज कराने के बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज उसकी सूचना उनके घरवालों को दी। इंस्पेक्टर के अलावा टीम में दरोगा भगवान सिंह, सिपाही बृजकिशोर सिंह, अतुल और सर्वांनंद शामिल रहे। 
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