जमीन से सोना निकालने का झांसा देकर रकम हड़पने वाले एक मौलवी को उसके दो साथियों के साथ कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एयरफोर्स अफसर से 16 लाख रुपये हड़पने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। तीनों अब तक वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया के आठ लोगों को शिकार बना चुके हैं। शुक्रवार दोपहर उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
एसएसपी रामलाल वर्मा ने शुक्रवार को पुलिस लाइंस में बताया कि कि नंदानगर के अल्ताफ एयरफोर्स में अफसर हैं। झाड़-फूंक के बहाने गाजीपुर के कपूरपुर नई शहर कोतवाली का रहने वाला मौलवी मो. नौशाद अल्ताफ के घर आया था। जान-पहचान होने पर घर की जमीन से 265 किलोग्राम सोना निकालने का झांसा दिया और 16 लाख रुपये लेकर उसे लकड़ी के बॉक्स में रखकर घर में गड्ढा खोदकर डाल दिया। रुपये बॉक्स में रखने से पहले मौलवी ने उसे लाल रंग के कपड़े में बांधा था। इसी दौरान उसने उसे बदलकर उसमें सोने के नकली बिस्किट रख दिए।
दो दिन पहले नौशाद दो साथियों के साथ अल्ताफ के घर पहुंचा। इस बीच सोने का एक नकली बिस्किट घर वालों के हाथ लग गया। जालसाजी की जानकारी होने पर अल्ताफ ने सूचना पुलिस को दे दी। कैंट पुलिस ने क्राइम ब्रांच की मदद से मो. नौशाद, उसके साथी आजमगढ़, अहिरौला के गहजी के योगेंद्र सिंह, भदोही के नई बाजार, नई बस्ती निवासी राजेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया और कब्जे से बॉक्स में रखा सोने का नकली बिस्किट और पीतल का सिक्का बरामद किया। छानबीन में पता चला कि गैंग के सदस्य लोगों को जमीन से सोना निकालने का झांसा देकर ठगी करते हैं। अब तक वे वाराणसी के अलावा बलिया, आजमगढ़, जौनपुर के आठ लोगों से करीब 84 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। दो बार नौशाद जेल भी जा चुका है।
इन लोगों से की ठगी
मो. नौशाद ने बताया कि जौनपुर कोपाशाहगंज के समर बहादुर सिंह से 5.70 लाख, शाहगंज के राहुल गुप्ता से 3.66 लाख रुपये, आजमगढ़ के निसार से 1.32 लाख, आजमगढ़ के रानीसराय के रामचंद्र यादव से 3.32 लाख, मुबारकपुर के एसडीएम अनिल कुमार सिंह से 4.83 लाख, वाराणसी के मदनपुरा निवासी हाजी निषाद से 3.20 लाख, गोरखपुर के गोलघर निवासी एक व्यक्ति से 3.20 लाख रुपये, वीमार्ट के मालिक से 1.64 लाख रुपये ठग चुका है।
साले के खाते में जमा करता है रुपये
मो. नौशाद सोना निकालने का झांसा देकर रकम लेकर उसे साले के खाते में जमा करता है। पुलिस ने उसके घरवालों से बात की तो उन्होंने रुपये वापस करने के लिए गोरखपुर आने की बात कही, लेकिन पहुंचे नहीं। सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि नौशाद की जालसाजी की जानकारी उसके घरवालों को है।
पत्नी ने दी थी अपहरण की सूचना
नौशाद के गोरखपुर में पकड़े जाने के बाद उसकी पत्नी ने आईजी वाराणसी को फोन कर अपहरण की सूचना दी थी। एसपी गाजीपुर ने गोरखपुर के पुलिस अधिकारियों को फोन कर जानकारी मांगी। एसएसपी ने बताया कि पकड़े जाने के बाद जालसाज के घरवाले उसे बचाने के लिए हमेशा ऐसी गलत सूचना देते हैं।