बम से रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने के लिए जिस नंबर का इस्तेमाल किया गया था वह फर्जी पते पर लिया गया है। मोबाइल कंपनी से सिमकार्ड धारक के बारे में जानकारी मिलने के बाद धमकी देने वाले की तलाश में जीआरपी कुशीनगर पहुंची लेकिन वहां कोई नहीं मिला। धमकी देने में इस्तेमाल दूसरा नंबर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का है। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उधर, धमकी देने वाले की धर पकड़ के लिए एसटीएफ भी सक्रिय हो गई है।
24 जनवरी की दोपहर 2:20 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में पांच मिनट के भीतर दो मोबाइल नंबर से आई कॉल से रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद आनन फानन में आरपीएफ, जीआरपी और जिले की पुलिस ने बम स्क्वॉड दस्ते के साथ स्टेशन पर गहन छानबीन की लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद जिस नंबर से धमकी दी गई थी, अधिकारियों ने उस पर बात की तो फोन रिसीव करने वाले युवक ने खुद को संतकबीरनगर के धनघटा का निवासी बताकर कॉल न करने की जानकारी दी थी।
छानबीन करने जीआरपी पहुंची तो युवक नहीं मिला। सर्विलांस टीम ने छानबीन की तो पता चला कि जिस नंबर से धमकी दी गई थी वह कुशीनगर की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी अयोध्या के नाम से आवंटित है। जीआरपी की टीम कुशीनगर पहुंची तो उस पते पर मुन्नी देवी और अयोध्या नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। दूसरे नंबर की लोकेशन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिल रही है। प्रभारी एसपी जीआरपी तनवीर अहमद खान ने बताया कि धमकी देने के मामले में जीआरपी के साथ ही एसटीएफ व अन्य एजेंसियां भी जांच कर रही है जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।