चुनावी विगुल बजने के साथ ही गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस की फाइलों में बंद अपराधियों के नाम को नए सिरे से सूचीबद्ध कर दिया गया है। रोजाना ही पुलिस अफसर इन अपराधियों के धर पकड़ का अपडेट ले रहे हैं तो पुलिस वाले भी बिना दबाव में इनकी तलाश में दबिश डाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण चुनाव कराने की चुनौती है। गोरखपुर जिले में 554 गुंडा, 1285 हिस्ट्रीशीटर, 28 जिला बदर हैं। इसके अलावा तीन ऐसे भी शख्स है जिनसे देश की सुरक्षा को ही खतरा है।
इन सभी की थानेवार सूची बनाने के साथ ही पुलिस वालों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जिला बदर के घर पुलिस दबिश डालकर कर कइयों को बाहर भी कर चुकी है। वहीं हिस्ट्रीशीटर पुलिस की राडार पर है और उन्हें पुलिस लगातार चेतावनी दे रही है कि कहीं अप्रिय घटना हुई तो पहला नाम उनका ही होगा। ऐसे में अब वह भी खुद को बचा रहे हैं। पुलिस ने जिले में अब तक 15635 लोगों को शांति भंग में पाबंद किया है।
पाबंदी की रोजाना देनी है रिपोर्ट
जिले में शांतिभंग में पाबंद होने वाले लोगों की रोजाना रिपोर्टिंग चुनाव कार्यालय को भेजी जा रही है। चुनाव के नोडल अफसर बनाए गए एसपी ग्रामीण ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी रोजाना इनकी खुद मानीटरिंग कर रहे हैं और कार्रवाई होने का अपडेट ले रहे हैं। चूंकि इसका अपडेट मुख्य चुनाव आयुक्त तक भेजना है और हर वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी यही सवाल उठाया जा रहा है। इसे लेकर पुलिस अफसर ज्यादा संजीदा है।
हिस्ट्रीशीटरों पर विशेष नजर
जिले में हिस्ट्रीशीटरों की संख्या ज्यादा होने की वजह से उन पर विशेष नजर रखी जा रही है। नोडल अफसर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि सभी थानेदार, चौकी इंचार्ज यहां तक की सीओ को स्पष्ट आदेश दे दिया गया है कि वे अपने इलाके में रात्रि भ्रमण कर इनकी गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि कहीं से भी कोई शांतिभंग न कर सके।