पहले एसएसपी और फिर डीजीपी का नंबर हैक करने वाले छात्र को एसटीएफ ने बुधवार को बेतियाहाता से दबोच लिया। वह अफसरों के नंबर को हैक कर वसूली की कोशिश में लगा था। मामले में एसएसपी के पीआरपो ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से ही एसटीएफ जालसाज की तलाश में थी। पकड़ा गया आरोपी बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। वह सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था।
संतकबीरनगर जिले के मेहदावल के साड़े कला गांव का रहने वाला रामनगीना सहजनवां के प्रभाव देवी डिग्री कॉलेज का छात्र है। स्नातक की पढ़ाई के साथ ही वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। इंटरनेट के जरिए नंबर हैक करने में माहिर रामनगीना ने 22 अक्टूबर को डीआईजी के सीयूजी नंबर को हैक कर कैंट और चिलुआताल के थानेदार को फोन कर 50-50 हजार रुपये की मांग की। दोनों ही थानेदारों को बताया था कि एक लड़का जाएगा, उसे रकम दे देना। इसके बाद उसने एक दूसरे नंबर से थानाध्यक्षों से रुपयों की मांग की। 26 अक्टूबर तक रकम नहीं मिली तो उसने फिर 27 अक्टूबर को डीजीपी के सीयूजी नंबर को हैक कर लिया। इस बार उसने एसएसपी को फोन कर दोनों थानेदारों को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। नेटवर्क खराब होने की वजह से बात नहीं हो पाई और एसएसपी ने डीजीपी के लैंडलाइन पर फोन मिलाया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद एसएसपी ने पीआरओ के जरिए कैंट थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद से ही एसटीएफ उसकी तलाश में जुट गई। एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर टीम ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। कॉल डिटेल के बाद मिले सुराग के आधार पर एसटीएफ के सीओ विकास चंद्र त्रिपाठी की टीम ने बुधवार की रात रामनगीना को कैंट क्षेत्र के बेतियाहाता से गिरफ्तार कर लिया। सीओ विकास त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट कॉल का तरीका उसने दुबई में रहने वाले अपने दोस्त अहमद से सीखा था। वह तैयारी कर रहा था और मगर वर्दी पाने से पहले ही उसे धौंस जमाने की सनक सी हो गई थी। इसके लिए वह ऐसा काम कर रहा था। उसका एक रिश्तेदार सिद्धार्थनगर में सिपाही है।
यह हुई बरामदगी
पुलिस की फर्जी आईडी, वर्दी, दो मोबाइल, बैंकों के छह डेबिट कार्ड, वर्दी में खिंची गई फोटो