प्रदेश के सबसे बुजुर्ग बंदी चौथी (105) को स्वतंत्रता दिवस पर आजादी नहीं मिली। गोरखपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे है। तबीयत खराब होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें जेल वापस भेज दिया गया था।
जेल के अफसरों के साथ ही जिला प्रशासन ने चौथी के रिहाई की खातिर शासन को पत्र लिखा था लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर उनकी रिहाई का आदेश नहीं आया। पिछले छह साल से गोरखपुर में जेल से कोई भी बंदी स्वतंत्रता दिवस के दिन आजाद नहीं हुआ है। चौथी के लेकर आस लगाई जा रही थी शायद यह मिथक टूटे।