क्राइम ब्रांच ने लूट करने वाले दो छात्रों को गिरफ्तार कर तीन घटनाओं का पर्दाफाश किया है। यूनीवर्सिटी में एमए की पढ़ाई करने वाला युवक छात्रसंघ का चुनाव लड़ने के लिए साथियों के साथ वारदात को अंजाम दे रहा था। झंगहा और गगहा में इन लोगों ने योजना के तहत परिचितों को निशाना बनाया था। वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं।
बृहस्पतिवार की शाम प्रेस कांफ्रेंस कर एसएसपी अनंत देव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 16 मार्च की रात गगहा के ढ़रसी निवासी अनिल यादव से रकहट के पास बाइक सवार बदमाशों ने लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और 1100 रुपये लूट लिए थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने बेलघाट, साऊखोर बिरपियहवा के जितेंद्र यादव, झंगहा के करौता निवासी रवि यादव को करकोलघाट पुल से बुधवार की रात गिरफ्तार किया। छानबीन में पता चला कि जितेंद्र और रवि गोरखपुर यूनीवर्सिटी में एमए के छात्र हैं। कबीर हॉस्टल में रहने वाले राहुल और झंगहा के मुंडेरा बाजार निवासी प्रदुम्मन के साथ मिलकर लूट करते थे।
जितेंद्र यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ का चुनाव लड़ने की तैयारी में था। प्रचार सामग्री के लिए रुपये की जरूरत होने पर लूट की घटना को अंजाम दे रहा था। वारदात में शामिल उसके अन्य साथी मौज - मस्ती और गर्ल फ्रेंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए साथ देते थे। इन बदमाशों ने 17 मार्च को गगहा के कौवाराम में ईट भट्ठा मालिक से हुई लूट, 21 मार्च को झंगहा के शिकारगढ़ में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अभय चंद के साथ हुई लूट करने की बात स्वीकार की। इनके कब्जे से एक तमंचा, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, नौ हजार रुपये, चार बैंक पासबुक और परमेश्वर तिवारी नाम के व्यक्ति का वोटर कार्ड मिला। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश चल रही है।
अच्छे परिवार के हैं लूट करने वाले छात्र
पकड़े गए छात्र अच्छे परिवार से है। जितेंद्र के पिता कमिश्नर कार्यालय में काम करते हैं। रवि के परिवार में अधिकांश लोग फोर्स में हैं। जिन लोगों के साथ इन्होंने लूट की थी उसमें अधिकांश लोग परिचित थे जिनकी दिनचर्या इन्हें मालूम थी। पीपीगंज के एक व्यापारी के साथ भी इन्होंने लूट करने की योजना बनाई थी लेकिन सर्राफ के मुनीम की हत्या कर लूट की वारदात के बाद प्लान बदल दिया।