देहात इलाके में बेखौफ लुटेरे यूं ही नहीं घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। दरअसल, धड़पकड़ करने की जगह पुलिस सारी ऊर्जा घटना को फर्जी बताने में ही खपा दे रही है। ऐसा ही मामला झंगहा में सामने आया है। कबाड़ी की पिटाईकर उसे लूटे जाने के मामले में पूरी रात एसपी ग्रामीण को थानेदार रामविलास यादव गुमराह करते रहे। प्रारंभिक सूचना के आधार पर रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने के बाद भी थानेदार तहरीर न आने का हवाला देते रहे। इससे नाराज एसपी ग्रामीण ने एक सीओ को प्रकरण की प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है।
झंगहा इलाके के भकुरहा निवासी धर्मदेव कबाड़ का कारोबार करते हैं। शुक्रवार शाम वह घर लौट रहे थे तभी लुटेरों ने रॉड से हमलाकर उन्हें घायल कर लिया और नकदी व मोबाइल लूटकर कर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलने पर डायल 100 की गाड़ी पहुंची, जिसके एचसीपी रामजी, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, ड्राइवर संतोष कुमार ने धर्मदेव को अस्पताल में भर्ती कराया। मगर सूचना मिलने के बाद से ही थानेदार इसे फर्जी बताने लगे। अफसरों के पूछने पर लूट की घटना में यह कहकर उन्हें गुमराह करते रहे कि आपस में मारपीट में हुई थी। करीब चार घंटे की जांच पड़ताल के बाद भी वह मारपीट में शामिल लोगों का नाम नहीं बता सके।
एसपी ग्रामीण ने कई बार लूट की एफआईआर दर्ज करने को कहा तो वह उनकी बात टालते रहे। एसपी ग्रामीण ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि थानेदार लूट की घटना को मारपीट बता रहे हैं। असल घटना क्या है इसकी जांच कराई जाएगी। पीड़ित की सूचना पर केस दर्ज करना चाहिए, विवेचना में जो तथ्य सामने आए, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।