गोरखपुर। जैतपुर तिहरे हत्याकांड के गवाह पर कैंट पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया है। मुख्य आरोपी की पत्नी ने 20 अगस्त को थाने में बेटी के गायब होने की जानकारी दी थी। हत्याकांड के गवाह पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी। एक महीने पहले एक युवती ने हत्याकांड के गवाह पर रेप का आरोप लगाते हुए शाहपुर थाने में तहरीर दी थी, जबकि जांच में मामला फर्जी निकला।
जैतपुर तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी राणा सत्य प्रकाश सिंह की पत्नी ने 20 अगस्त को कैंट थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि सुबह पांच बजे से उनकी बेटी घर से लापता है। उनके पति राणा सत्यप्रकाश सिंह हत्या के मामले में जेल में हैं। नगवां, जैतपुर का रहने वाला कमलकांत पांडेय उस घटना का मुख्य गवाह है। झांसा देकर उनकी बेटी को अगवा कर ले गया है। बेटी के साथ अनहोनी की भी आशंका जताई। इससे पहले एक जुलाई 2016 को कमलकांत पर एक युवती ने झांसा देकर भाभी की मदद से अपहरण करके रेप करने का आरोप लगाते हुए शाहपुर थाने में तहरीर दी थी, जबकि कमलकांत के घरवालों ने आईजी को प्रार्थना पत्र देकर फंसाने का आरोप लगाया था। छानबीन में आरोप झूठा मिलने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। एसएसआई कैंट एसएन सिंह ने बताया कि अपहरण के ताजे आरोप की छानबीन चल रही है।
साजिश के तहत दर्ज कराया केस
कमलकांत ने बताया कि साजिश के तहत उन्हें फंसाने के लिए अपहरण का झूठा केस दर्ज कराया गया है। 20 अगस्त को वह मुकदमे के संबंध में इलाहाबाद गए थे। इस दौरान कैंट इंस्पेक्टर ने फोन पर उनसे बातचीत भी की थी। तिहरे हत्याकांड में राणा सिंह मुख्य आरोपी है। परिवार के लोग समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। सोची समझी साजिश के तहत शाहपुर में भी एक युवती से तहरीर दिलवाई गई थी जो जांच में फर्जी निकली। कमलकांत ने बताया कि पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर वह साजिश रचने वालों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
नौ अगस्त 2012 को हुआ था तिहरा हत्याकांड
नौ अगस्त 2012 को नगवां गांव के रहने वाले रणजीत पांडेय, उनके बेटे विनोद, मनोज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विनोद की पत्नी अनुराधा ने अमटौरा के रहने वाले राणा सिंह, मुकुंद सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ सहजनवां थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। सभी आरोपी जेल में हैं। इस मामले में अनुराधा के अलावा उनके चचेरे देवर कमलकांत, देवरानी और सास गवाह हैं।