चिलुआताल पुलिस ने पिपरौली के ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह समेत सात के खिलाफ जालसाजी और धमकी देने का केस दर्ज किया है। कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले व्यापारी ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है।
नियामत चक में रहने वाले व्यापारी जगदंबा जायसवाल ने स्पोर्ट्स कॉलेज के पास वर्ष 2013 में अपने और पत्नी के नाम से जमीन की रजिस्ट्री कराई है। उन्होंने जमीन पर चहारदीवारी बनवाई है। आरोप है कि जंगल नकहा नंबर एक के वसंती टोला निवासी शिवपूजन ने जालसाजी कर इस जमीन को गोरखनाथ के मारूफ सईद को बेच दी। शिकायत पर रजिस्ट्री निरस्त कर दी गई। आरोप है कि 10 दिसंबर 2015 को राहुल साहनी, जितेंद्र चौहान, चंदन साहनी, महेंद्र कुमार, दुर्गेश तिवारी ने जमीन का एग्रीमेंट कराने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए। बाद में उन्होंने जालसाजी करके फर्जी तरीके से जमीन का एग्रीमेंट करा लिया।
इस मामले में जगदंबा जायसवाल ने तीन जून को एसएसपी अनंत देव से मुलाकात की और बताया कि भू- माफिया के कहने पर पिपरौली ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह जमीन खाली करने की धमकी दे रहे हैं। कई बार फोन करने के बाद वे 17 मई को कुछ साथियों के साथ उनके आफिस पहुंच गए। उस समय वह आफिस में नहीं थे। ऐसे में जमीन खाली न करने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। एसएसपी के निर्देश पर चार जून को चिलुआताल पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज किया। एसओ रामबेलास यादव ने बताया कि छानबीन चल रही है।
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सुधीर पर दर्ज हैं कई संगीन मामले
पिपरौली ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह पर कैंट, शाहपुर, लखनऊ के अलावा जिले के अन्य थानों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी के समर्थन से ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में वह विजयी हुए। राजनीति में आने के बाद सुधीर पर यह पहला मुकदमा दर्ज हुआ है।