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कुसम्ही में छात्र की पीटकर हत्या 

Sun, 03 Apr 2016 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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‌मारा
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गोरखपुर। खोराबार के कुसम्ही में शुक्रवार की रात रामलीला देखकर घर लौट रहे छात्र की युवकों ने पटरे से पिटाई कर दी। गंभीर हाल में उसे परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
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गांव के लोगों ने एक हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पास के गांव की किशोरी से दोस्ती को लेकर छात्र का युवकों से विवाद चल रहा था। मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

जगदीशपुर, खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार देवरिया,तरकुलवा के मुंडेरा गांव का रहने वाला राजन उर्फ छोटू (17)  कुसम्ही में अपने मामा बाबूराम के घर रहकर कक्षा नौ में पढ़ता था। रुदलापुर गांव की एक किशोरी से उसकी दोस्ती थी जिसे लेकर संजय निषाद से कई बार विवाद हुआ था। शुक्रवार की रात रुदलापुर गांव की किशोरी और राजन रामलीला देखने पहुंचे थे।
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रात 12 बजे राजन घर जाने के लिए निकला। कुसम्ही चौराहे पर रुदलापुर गांव के रहने वाले संजय, चंदन और वीरेंद्र ने उसे रोक लिया। बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर रखे पटरे को उखाड़कर सिर पर मार दिया। गंभीर चोट लगने के कारण अचेत होकर वह सड़क पर गिर पड़ा। शोर सुनकर पीछे से आ रहे राजन के दोस्तों को देखकर हमलावर भाग निकले।

युवकों ने दौड़ाकर वीरेंद्र को पकड़ लिया। गंभीर हाल में युवक को लेकर दोस्त पीएचसी खोराबार पहुंचे जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शनिवार की सुबह राजन की मौत हो गई। दोपहर में खोराबार थाने पहुंचे छात्र के पिता रामनारायण ने संजय, चंदन और वीरेंद्र पर हत्या और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कराया। एसओ खोराबार रामअशीष यादव ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

रक्षा बंधन के दिन मारने के लिए दौड़ाया था
रुदलापुर की रहने वाली किशोरी राजन के साथ पढ़ती थी। दोनों में काफी नजदीकी हो गई थी। रक्षाबंधन के दिन वह लड़की से मिलने उसके घर गया था। लड़की के भाई ने दोनों को एक साथ देख लिया था जिसके बाद इनके बीच तनाव चल रहा था। परिवार के लोगों ने राजन को मारने के लिए भी दौड़ाया था लेकिन वह भाग निकला था। 

अस्पताल पहुंच गई थी लड़की
राजन पर हुए हमले की खबर मिलने के बाद किशोरी उसे देखने देर रात खोराबार पीएचसी पहुंच गई। जानकारी होने पर पहुंचे परिवार के लोग उसे घर ले जाना चाह रहे थे लेकिन वह तैयार नहीं थी। मान - मनौव्वल के बाद भी वह राजन के साथ मेडिकल कॉलेज जाने की जिद कर रही थी। परिवार के लोग उसे जबरन साथ घर ले गए। 
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