पिपराइच के हल्का नंबर तीन में तैनाती को लेकर शनिवार को थाने में सिपाहियों के दो गुटों में मारपीट हो गई। इसमें दो सिपाही घायल हो गए। यही नहीं, जब घायल सिपाही इलाज कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां भी दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। बाद में प्राइवेट नर्सिंग होम में घायल सिपाही ने अपना इलाज कराया। फिलहाल थाने के एसओ और पुलिस कर्मी मामले पर पर्दा डालने में लगे हुए हैं।
सूत्रों की मानें तो पिपराइच का हल्का नंबर तीन सिपाहियों को सर्वाधिक रास आता है। इसका मुख्य कारण इस क्षेत्र में कच्ची शराब की सर्वाधिक भट्ठियां, जमीन की खरीद-फरोख्त और खनन का कारोबार धड़ल्ले से होना है। अच्छी कमाई के चक्कर में सिपाही यहां अपनी तैनाती कराने के लिए सिफारिश तक कराते हैं। इसी हल्के में तैनात एक सिपाही से शनिवार की रात थाने में मौजूद सिपाहियों की कहासुनी हो गई। वसूली की रकम को लेकर शुरू हुई बहस कुछ ही देर में हाथापाई तक पहुंच गई। देखते ही देखते सिपाहियों के दो गुट आपस में भिड़ गए और मारपीट होने लगी। इस दौरान एक सिपाही के सिर में चोट आई, जबकि दूसरा मामूली रूप से घायल हो गया। मौके पर जुटे अन्य सिपाहियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।
इस घटना के बाद घायल सिपाही का इलाज कराने जब सिपाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो इसी दौरान दूसरे गुट का सिपाही भी वहां पहुंच गया। यहां एक बार फिर दोनों गुट आपस में भिड़ गए। यहां मौजूद अन्य सिपाहियों ने किसी तरह दोनों को शांत कराया। इसके बाद घायल सिपाही का इलाज प्राइवेट नर्सिंग होम में हुआ। हालांकि कार्रवाई के डर से दोनों पक्षों में से किसी ने भी थाने पर तहरीर या तस्करा नहीं लिखाया। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी है। इस संबंध में जब एसओ पिपराइच अजय कुमार ओझा से पूछा गया तो उन्होंने मामले को टाल दिया।
सिपाहियों के बीच मारपीट की सूचना थाने से नहीं दी गई है। अगर ऐसा हुआ है तो यह अनुशासनहीनता है। इसकी जांच कराके कार्रवाई की जाएगी।
-बृजेश सिंह, एसपी ग्रामीण