एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने बुधवार की शाम अंबेडकरनगर की एक बंद राइस मिल में छापा डालकर शराब की फैक्ट्री पकड़ी। राइस मिल मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली देसी शराब, शराब बनाने के उपकरण, असलहा, दो चार पहिया वाहन, दो बाइक के अलावा 100 ड्रम स्प्रिट बरामद की। शराब का यह धंधा गोरखपुर के दो व्यापारी चला रहे थे। एसटीएफ की टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
बुधवार की शाम पांच बजे सीओ एसटीएफ गोरखपुर यूनिट विकास त्रिपाठी की टीम के साथ अंबेडकरनगर के अहिरौली में स्थित आदित्य एडिबल प्राइवेट लिमिटेड राइस मिल पर पहुंचे। 2015 से बंद चल रही राइस मिल में छापा डालकर टीम ने शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। एसटीएफ ने मौके पर विभिन्न ब्रांड की 1400 पेटी (65000 बोतल) नकली शराब, पैकिंग के लिए रखी एक हजार बोतलें, अर्धनिर्मित नकली शराब, 100 ड्रम टिंचर्ड स्प्रिट, देसी शराब लैला, माधुरी ब्रांड की भारी संख्या में बोतल, ढक्कन, रैपर एवं होलोग्राम बरामद किया। इसके अलावा बोतल सील करने वाली दो मशीन, शराब का परसेंटेज चेक करने वाली दो प्रेशर मशीन, एप्यूरीफायर सिलेंडर मशीन, टैब युक्त ड्रम, पाइप सिलेंडर, एक 32 बोर का रिवाल्वर, तीन जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो, एक होंडा सिटी कार और दो बाइक बरामद की।
पुलिस ने मौके पर मिले राइस मिल मालिक सुरेश सिंह निवासी सोनावा, अहिरौली और यहां काम करने वाले कुशीनगर के नेबुआ-नौरंगिया के मठिया खुर्द निवासी हीरालाल कुशवाहा, सीवान के धनौती, पिठौरा निवासी सुनील यादव, गोरखपुर स्थित चौरीचौरा के चौरा गांव निवासी विकास गौड़ को गिरफ्तार किया। सीओ विकास त्रिपाठी ने बताया कि गोरखपुर के दो शराब व्यवसायी इस शराब फैक्ट्री को संचालित कर रहे थे। उनकी तलाश चल रही है। पकड़े गए अभियुक्तों को अहिरौली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।