बदायूं जेल में बंद कुख्यात चंदन सिंह गैंग के दस सदस्य अभी खुलेआम घूम रहे हैं, जिसमें चार से पांच ऐसे सदस्य हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है लेकिन वे चंदन के सबसे ज्यादा करीब हैं और उसकी मदद करते हैं। एसटीएफ ने ऐसे सदस्यों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें कुछ सफेदपोश भी हैं। उन पर भी नजर रखी जा रही है।
चिलुआताल के कुशहरा निवासी चंदन सिंह के गैंग में 16 सदस्य हैं। इनमें से एक सदस्य अभिषेक की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक गैंग के छह सदस्य जेल में बंद हैं, जबकि आजाद घूम रहे सदस्यों में छह ऐसे हैं, जो वर्तमान में लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। गैंग में चार ऐसे सदस्य भी शामिल हैं जो आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को शरण देने के साथ ही उनकी अंदर खाने मदद करते हैं। सूत्रों के मुताबिक चंदन और गैंग के अन्य सदस्यों की मददगारों को पुलिस और एसटीएफ ने चिह्नित कर लिया है।
मददगारों के ठिकानों का भी पता लगा
अनूप और नीरज से पूछताछ में एसटीएफ को मददगारों के ठिकानों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है। वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग के सदस्य कहां छिपते हैं? उन्हें वहां सुविधाएं कौन मुहैया करवाता है? इसकी पूरी जानकारी एसटीएफ को मिल गई है।
चंदन गैंग के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जा चुका है। लेकिन सबसे पहले उनके मददगारों पर नजर रखी जा रही है।
- विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ, एसटीएफ