एसटीएफ ने सुपारी किलर के साथ दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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फिल्मी अंदाज में प्रापर्टी डीलर रत्नेश मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैलाने वाले शूटर को एसटीएफ ने दबोच लिया। एसटीएफ का दावा है कि दबोचा गया शूटर सुपारी लेकर हत्या करता था। प्रापर्टी डीलर की हत्या के लिए उसने पांच लाख रुपये लिए थे। प्रापर्टी डीलर का जमीन के एक मामले में 19 लाख रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। इसी को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया था। हालांकि पांच गोली लगने के बाद भी प्रापर्टी डीलर की जान बच गई। उनका उपचार अब भी चल रहा है। एसटीएफ ने हत्या की साजिश रचने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी ने बताया कि तीन नवंबर को शाहपुर इलाके में प्रापर्टी डीलर रत्नेश मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। उन्हें पांच गोली लगी ती। इस मामले की जांच के दौरान पता चला कि इस वारदात को एक शूटर ने अंजाम दिया है। 17 दिसंबर की रात दोबारा हत्या की साजिश रची जा रही थी तभी एसटीएफ ने एल्युमीनियम फैक्ट्री के पास से साजिशकर्ता और शूटर को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया है कि प्रापर्टी डीलर रत्नेश का अजेंद्र श्रीवास्तव और मुकेश जायसवाल से 19 लाख रुपये की देनदारी को लेकर पिछले कुछ महीने से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अजेंद्र और मुकेश ने शूटर वीरेंद्र तिवारी से संपर्क किया।
वीरेंद्र से मुलाकात जटाशंकर धर्मशाला स्थित एक पूर्व जनप्रतिनिधि के आवास के पास हुई थी। वहां बलिया के अपराधी छोटू चौबे और गोरखपुर के लालू दुबे ने पांच लाख में सुपारी दिलाई थी। एसटीएफ ने चिलुआताल, अहिरौली के वीरेंद्र तिवारी, रसूलपुर के मुकेश जायसवाल, कैंपियरगंज, सिवलहिया के अजेंद्र श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर उनके पास से दो तमंचा, चार जिंदा कारतूस, पांच डेबिट कार्ड, अभियुक्त वीरेंद्र का ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड बरामद आदि बरामद किया है।