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कार में जिंदा जलाए गए थे नितिन

Mon, 10 Apr 2017 08:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सर्राफ नीतिन (फाइल फोटो) और उनकी पत्नी। - फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। हरबंश गली के ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल की मौत कार में जिंदा जलने से हुई थी। इसकी पुष्टि सोमवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई। दो चिकित्सकों के पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि नितिन की मौत रविवार की दोपहर 12 बजे के आसपास दम घुटने से हुई। इसका मतलब यह हुआ कि उन्हें कहीं मारकर कार में नहीं डाला गया था, बल्कि उनके हाथ-पैर बांधकर उन्हें कार में ही जिंदा जला दिया गया। पुलिस की छानबीन भी इसी दिशा में चल रही है।
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सहजनवां स्थित तेनुआ टोला प्लाजा से थोड़ा पहले फोरलेन पर रविवार की दोपहर सवा 12 बजे लोगों ने एक कार को जलते हुए देखा था। सूचना पाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। कार से नितिन अग्रवाल का शव बरामद हुआ। कार के अंदर नितिन के हाथ-पैर लोहे के तार से बंधे पाए गए थे। इसी आधार पर नितिन का पोस्टमार्टम कराया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी हुई। दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम के दौरान पाया कि नितिन की सांस की नली में कार्बन के तत्व मिले हैं। इससे साफ हो जाता है कि उनकी मौत जलने से हुई थी। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल को लेकर एसपी ग्रामीण ने सीओ कैंपियरगंज, क्राइम ब्रांच और सहजनवां पुलिस के साथ मीटिंग भी की ताकि इस वारदात का जल्द पर्दाफाश किया जा सके।
  राप्ती तट पर हुआ नितिन का दाह संस्कार सोमवार की सुबह सवा नौ बजे राप्ती नदी तट स्थित राजघाट पर नितिन का दाह संस्कार हुआ। पिता गोविंद अग्रवाल मुखाग्नि देते ही फफक पड़े। बोले, एकलौता बेटा छोड़कर चला गया। अब जीने का मकसद ही नहीं बचा है। बेटे की किसी से दुश्मनी नहीं थी। घाट पर नितिन का करीबी दोस्त विष्णु भी मौजूद था।
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