हंगामे के बाद मेडिकल कालेज में तैनात पुलिस।
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मेडिकल कॉलेज के मरीजों को बरगला कर शहर के निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने की कोशिश को मुद्दा बनाते हुए जूूनियर डॉक्टरों ने न सिर्फ इस काम में लगे लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया बल्कि बुधवार रात गेट पर शहर के एक नर्सिंग होम संचालक से सामना हो जाने पर मारपीट से कॉलेज परिसर तक बवाल जैसे हालात हो गए। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जूनियर डॉक्टरों ने हमले के आरोपी निजी चिकित्सक और समर्थकों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में हड़ताल की धमकी दे दी है।
घटना के केंद्र में हैं चिलुआताल थाना क्षेत्र के झुगियां बाजार स्थित नीरा नर्सिंग होम के संचालक डॉ. विवेक सेठ। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि डॉ. सेठ के लिए काम करने वाले कुछ लोग मेडिकल कॉलेज में सक्रिय रहते हैं और मरीजों को बेहतर व सस्ते इलाज का भरोसा देकर मेडिकल कॉलेज से डॉ. सेठ के नर्सिंग होम शिफ्ट करा देते हैं। कुछ दिन पहले जूनियर डॉक्टर के एक परिचित को भी गुमराह कर नर्सिंग होम पहुंचवा दिया था। उस वक्त कुछ जूनियर डॉक्टरों की डॉ. सेठ की कहासुनी हुई थी, जबकि बुधवार रात मेडिकल कॉलेज के गेट पर चाय पीने पहुंचे जूनियर डॉक्टरों का सामना डॉ. सेठ से हो गया।
बताते हैं कि एक-दूसरे पर कटाक्ष से शुरू हुई बात ने देखते-देखते मारपीट की शक्ल ले ली। डॉ. सेठ के समर्थकों का आरोप है, डॉक्टर सेठ को अकेला पाकर जूनियर डॉक्टरों ने बुरी तरह पीटा और पुलिस चौकी में घुसकर उन्होंने खुद को बचाया। इस पर सक्रिय हुई पुलिस ने जूनियर डॉक्टरों को समझाकर वापस भेजा और स्थिति सामान्य कराई। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस के शांति बनवाने के कुछ देर बाद डॉ. सेठ कुछ समर्थकों के साथ फिर मेडिकल कॉलेज में दाखिल हुए और दूध लेने कैंटीन पहुंचे एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे डॉ. धीरेंद्र और डॉ अमित पर धावा बोल दिया। बचाने आए अन्य जूनियर डॉक्टरों को भी हमलावर तेवर से पीटा और पिस्टल तान दी। इस सूचना पर फिर पुलिस दौड़ी और डॉ. सेठ के समर्थक बताए जा रहे छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इस बीच डॉ. सेठ को जूनियर चिकित्सकों के हमले से घायल बताकर कुछ लोग मेडिकल कराने जिला अस्पताल ले गए। दोनों ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। जूनियर डॉक्टरों ने आरोपियों पर जल्द कार्रवाई न होने की स्थिति में हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।