सोमवार की देर रात जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक सिरफिरे ने जमकर उत्पात मचाया। इमरजेंसी के पुराने नर्सिंग रूम में घुसे युवक ने पहले अपने शरीर को ब्लेड से काट डाला और फिर उस पर पट्टी लपेट ली। उसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और अंदर से जान देने व मरीजों को अपशब्द कहना शुरू किया। ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल आफिसर) डॉ. गौरव की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया और उसे साथ ले गई। इस घटना से करीब एक घंटे तक इमरजेंसी में मरीज, डॉक्टर और कर्मचारी सभी परेशान रहे।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात करीब 12 बजे डॉक्टर और नर्स सभी नर्सिंग स्टेशन की ओर चले गए थे। डॉक्टर वार्ड में मरीज देख रहे थे तो नर्स स्टेशन में बैठी थीं। तभी एक सिरफिरा युवक आया और खुद को पुराने नर्सिंग स्टेशन में बंद कर लिया। पहले तो उसपर किसी की नजर नहीं पड़ी मगर थोड़ी देर बार खटपट और अपशब्द सुनकर कर्मचारी उस ओर गए तो अंदर से दरवाजा बंद था।
खिड़की से अंदर देखा तो वह सिरफिरा खुद को ब्लेड से काट रहा था। पूरे शरीर पर कई चोट देने के बाद उसने खुद से बैंडेज भी शुरू कर दिया। इसके बाद पट्टी गर्दन में बांधने लगा और बोला जान दे दूंगा। अभी तक डॉक्टर और कर्मचारी उसे निकालने की कोशिश कर रहे थे। मगर बात नहीं बनी तो 12:30 बजे के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने किसी तरह से दरवाजा खुलवाया और सिरफिरे को साथ ले गई।