कैंट इलाके में दवा व्यापारी की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक कर साढ़े तीन लाख की लूट और दवा व्यापारी मनीष केडिया को गोली मारने की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बुधवार को एसएसपी ने बताया कि इन घटनाओं में रॉका गैंग शामिल है। गैंग में 9 सदस्य हैं इनमें से 7 को पकड़ लिया गया है।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने गैंग सरगना रॉका के साथ सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गैंग ने शहर की दो वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात गिरोह के चार बदमाश दाल कारोबारी को लूटने के इरादे से निकले थे। वाहन चेकिंग के दौरान बेतियाहाता चौराहे से पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।
पूछताछ में उन्होंने 22 मार्च को दवा व्यवसायी मनीष केडिया को उनके बेतियाहाता स्थित घर के पास गोली मारने की घटना को स्वीकार कर लिया है। चार मार्च को बेतियाहाता मजार गली में दवा व्यवसायी से लूट के बाबत पकड़े गए बदमाश विनय यादव ने पुलिस को अन्य बदमाशों की जानकारी दी थी। पुलिस को उसने विक्की उर्फ डेविड और उसके कुछ साथियों का नाम बताया था।
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने डेविड की तलाश में कुछ स्थानों पर दबिश दी जिसमें उनके गैंग का सरगना रॉक और उसके दो साथी सतीश और चंदन पुलिस के हाथ लग गए। राका ने घटना को कबूल करते हुए दो अन्य लोगों का नाम बताया। अब पुलिस डेविड और संतोष की तलाश कर रही है। एसएसपी ने बताया कि डीआईजी शिव प्रसाद सिंह ने पुलिस टीम को 12 हजार का इनाम दिया है।
मनीष केडिया नहीं दाल व्यापारी था टारगेट
पुलिस की पूछताछ में बदमाशों ने बताया है कि मनीष केडिया उनके निशाने पर नहीं था। वह दाल व्यापारी को लूटने के लिए गए थे। लेकिन उस दौरान मनीष आ गए और उनसे लूट का प्रयास किया गया। रुपये न होने पर उन्हें गोली मार दी गई।