पुलिस की गिरफ्त में फर्जी लूट के आरोपी।
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खोराबार इलाके में फोरलेन पर भैंसहा के पास हुई कथित 99 लाख की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। कैश मैनेजमेंट कंपनी रेडीयेंट के कर्मचारियों ने ही साजिश के तहत रुपये हड़पे थे और फिर पुलिस को लूट की फर्जी सूचना दे दी थी। पुलिस ने पकड़े गए कर्मचारियों की निशानदेही पर 31 लाख रुपये बरामद कर लिए है। वहीं फरार तीन साथियों की तलाश में भी जुट गई है। बाकी 67 लाख 76 हजार 578 रुपये और बंदूक उन्हीं के पास हैं। एसएसपी ने पर्दाफाश करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया है।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि रेडीयेंट कंपनी के कैशियर अजय प्रजापति ने मंगलवार को लूट की सूचना दी थी। बताया था कि वह गनमैन धनंजय और कैश वैन चालक संतोष शुक्ला के साथ सोनबरसा बाजार से गीडा लौट रहा था तभी भैंसहा के पास बोलेरो सवार बदमाशों ने असलहे के बल पर 98 लाख 79 हजार 530 रुपये लूट लिए। पुलिस ने जब तीनों से अलग-अलग बात की तो उन्होंने अलग-अलग बयान दिए। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो हकीकत सामने आ गई।
अजय के बताने पर पुलिस ने धर्मशाला बाजार में रहने वाले बड़हलगंज के बुढ़नपुरा निवासी रमन चंद पांडेय उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस को दो लाख रुपये बरामद हुए, वहीं अजय के पास से 13 लाख 3 हजार 175 रुपये, धनंजय के पास से 9 लाख, संतोष के पास से सात लाख रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया है। एसएसपी ने बताया कि मामले में डकैती का केस दर्ज हुआ था लेकिन अब इसकी धाराएं बदल जाएंगी।
बलिया का रहने वाले हैं फरार अभियुक्त
पुलिस लूट की बाकी रकम बरामद करने के लिए बलिया निवासी छोटू चौबे और उसके साथियों की तलाश में जुट गई है। छोटू की तलाश पुलिस को पहले से ही है। प्रापर्टी डीलर पर हमले के मामले में भी उसकी तलाश चल रही है। अजय ने बताया कि धर्मशाला के पास ही उसकी मुलाकात छोटू से हुई थी।
कंट्रोल रूम में सिपाही हैं अजय के पिता
कैशियर अजय प्रजापति के पिता मदन लाल गोरखपुर पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात हैं। वहीं धनंजय के पिता भी पुलिस विभाग से ही रिटायर हुए है।