झंगहा के भवरही में रविवार रात महिला को बंधक बनाकर डकैतों ने लूटपाट की। विरोध करने पर पिटाई करने के साथ ही बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। रात में फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे एसपी (क्राइम), सीओ चौरीचौरा ने मामले की छानबीन की। पुलिस घटना को संदिग्ध मानकर छानबीन कर रही है।
ब्रह्मपुर प्रतिनिधि के अनुसार भवरही गांव के रहने वाले अशोक कुमार सूरत की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। घर पर पत्नी आरती दो बच्चे, देवर और सास के साथ रहती है। रविवार रात सभी सो रहे थे। रात 12 बजे पहुंचे पांच डकैत चैनल गेट तोड़ने का प्रयास करने लगे। आवाज सुनकर जगी आरती गेट पर पहुंची तो जान से मारने की धमकी देकर डकैतों ने पहले उससे चैनल खुलवाया और फिर घर में दाखिल होने के बाद उसकी पिटाई कर बॉक्स की चाभी मांगने लगे। विरोध करने पर बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर उसे देकर चुप करा दिया। इसके बाद आरती को चारपाई से बांधने के बाद डकैतों ने बॉक्स तोड़कर दो लाख रुपये कीमत के जेवरात, सात हजार नकदी उठा ले गए। डकैतों के जाने पर आरती ने शोर मचाने लगी। इससे सभी लोग जग गए।
बच्चों ने चारपाई से बंधी मां की रस्सी खोली और देवर मनोज ने कंट्रोल रूम फोन कर पुलिस को डकैती की सूचना दी। रात दो बजे एसपी (क्राइम) विनय सिंह, सीओ चौरीचौरा एसएन सिंह, प्रभारी एसओ झंगहा विनोद सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन की। सुबह आरती की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों पर डकैती का केस दर्ज किया गया। एसपी (ग्रामीण) बृजेश सिंह ने बताया छानबीन में डकैती की घटना संदिग्ध लग रही है। मुकदमा दर्ज कर क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस छानबीन कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा करेंगे।
एक डकैत ने फोन पर की थी बात
एसपी (क्राइम) को आरती ने बताया कि लूटपाट के वक्त एक डकैत के मोबाइल पर फोन आया था। फोन करने वाले से डकैत की करीब एक मिनट बात हुई थी। दस मिनट में ठिकाने पर पहुंचने की बात कहकर उसने फोन काट दिया था।
मनोज के शादी की चल रही थी तैयारी
अशोक ने अपने छोटे भाई मनोज की शादी तय की है। परिवार के लोगों ने बताया कि शादी के लिए कुछ जेवर खरीदे गए थे, जो बॉक्स में रखा था।
इन बातों ने डकैती पर उठाए सवाल
डकैतों की धमकी देने पर आरती ने चैनल का गेट क्यों खोला। चारपाई से बांधने के बाद पिटाई की जानकारी बगल में सो रहे बच्चों को क्यों नहीं हुई। आधे घंटे तक डकैतों ने लूटपाट की लेकिन छत पर सो रहे देवर मनोज को भनक नहीं लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद डकैत चैनल खुला छोड़कर क्यों चले गए। गांव के बीच में डकैती की घटना होने के बाद भी आसपास के लोगों को भनक नहीं लगी।