गोरखपुर।
शासन की सख्ती के बाद बृहस्पतिवार
आधी रात को अधिकारियों ने
मेडिकल कॉलेज में भर्ती पूर्व
सपा नेता राममिलन यादव को जेल
भेज दिया। इसके साथ ही अमरमणि
त्रिपाठी समेत पांच अन्य लोगों
की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार
को एडीजी कारागार,
डीजी
चिकित्सा शिक्षा मेडिकल टीम
के साथ इलाज करा रहे कैदियों
के स्वास्थ्य की जांच कराने
आ रहे हैं। वे सर्किट हाउस में
अधिकारियों के साथ बैठक कर
स्थिति की जानकारी भी लेंगे।इलाज
के बहाने मेडिकल कॉलेज में
कैदियों के आराम फरमाने की
शिकायत को लेकर शासन के तेवर
सख्त हैं। एक सप्ताह के भीतर
मेडिकल कॉलेज में भर्ती सत्ता
के करीबी रामवृक्ष यादव,
रामायण
यादव को अधिकारियों ने मेडिकल
कॉलेज से वापस जेल भेज दिया।
उधर,
बृहस्पतिवार
की आधी रात को सजायाफ्ता कैदी
राममिलन यादव को भी अधिकारियों
के निर्देश पर आनन फानन में
मंडलीय कारागार भेज दिया गया।
वर्तमान में अमरमणि त्रिपाठी
उनकी पत्नी मधुमणि,
गोपाल
यादव,
राजेश
दुबे और मारकंडेय शाही मेडिकल
कॉलेज में भर्ती हैं।शनिवार
की सुबह एडीजी कारागार डॉ.
डीएस
चौहान,
डीजी
चिकित्सा शिक्षा डॉक्टर बीएन
त्रिपाठी अपनी टीम के साथ
भर्ती कैदियों की जांच कराएंगे।
दोपहर बाद सर्किट हाउस में
मंडलीय कारागार,
मेडिकल
कॉलेज के डॉक्टर और जिला प्रशासन
के अफसरों संग बैठक कर स्थिति
की समीक्षा करेंगे।कहा जा
रहा है कि अफसरों की जांच के
बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती
अमरमणि के साथ ही अन्य कैदियों
को भी यहां से हटाया जा सकता
है।